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गारंटी अवधि में पानी की टंकी क्रेक होने पर नई देने के आदेश

आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता को पुरानी टंकी बदलकर नई टंकी दें, यदि वह टंकी नहीं दे सकते हैं तो उसकी कीमत अदा करनी होगी। कंपनी को परिवादी का प्रकरण व्यय वहन करने का आदेश भी दिया है।

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गारंटी अवधि में पानी की टंकी क्रेक होने पर नई देने के आदेश

ग्वालियर। उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम ने गारंटी अवधि में पानी की टंकी में के्रक होने पर उसे बदलकर न देने को सेवा में त्रुटि माना है। फोरम ने टंकी का निर्माण करने वाली कंपनी तथा कंपनी के दौलतगंज स्थित डीलर को आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता को पुरानी टंकी बदलकर नई टंकी दें, यदि वह टंकी नहीं दे सकते हैं तो उसकी कीमत अदा करनी होगी। कंपनी को परिवादी का प्रकरण व्यय वहन करने का आदेश भी दिया है।

हनुमान गढ़ी पुल, नाका चन्द्रबदनी निवासी 75 वर्षीय मुन्नालाल झा ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत करते हुए कहा कि उन्होंने अपने घर के लिए 500 लीटर क्षमता की एक पानी की टंकी 26 अगस्त 2015 को दौलतगंज से कंपनी के डीलर से ली थी। इसे फिट करवाने में 5 हजार रुपए का खर्च आया था। कंपनी ने टंकी बेचते समय गारंटी कार्ड दिया था, जिसमें लिखा है 10 साल तक टंकी में कोई भी क्रेक होता है तो बदलकर नई टंकी दी जाएगी।

दो साल बाद ही टंकी लीकेज होने लगी, तब उन्होंने डीलर से टंकी बदलने को कहा तो डीलर ने टंकी बदलने से इंकार कर दिया, जबकि यह टंकी दो जगह से क्रेक हो गई थी। फोरम ने परिवादी के साक्ष्य को विश्वसनीय माना कि पानी की टंकी क्रेक हो गई है और यह क्रेक 10 साल की गारंटी अवधि में हुआ है, जो निर्माणगत त्रुटि माना जाएगा।

बदलने के लिए दो हजार रुपए मांगे
टंकी बदलने के लिए दो हजार रुपए की मांग की गई एवं अभद्र व्यवहार किया गया। इस कारण झा ने पहले तो कंपनी को नोटिस दिया, इसके बाद भी टंकी नहीं बदली गई तब उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत किया गया। परिवाद में मांग की गई थी कि परिवादी के यहां लगी टंकी को बदलवाकर नई टंकी लगवाई जाए तथा इसके लिए होने वाले खर्च के अलावा उसे हुई परेशानी के लिए 25 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।