
दुबई में पसंद आया लोगों का डिसिप्लिन, साफ-सफाई और गगनचुंबी इमारतें
ग्वालियर.
मैं बिजनेस के काम से कई कंट्री घूम चुका हूं, लेकिन दुबई की बात ही अलग है। मैं वहां (पत्नी भावना, बेटे नमन और भरत) व अंकल (श्याम-मीना भल्ला) के साथ गया था। वहां की साफ-सफाई, गगनचुंगी इमारतें और लोगों का डिसिप्लिन मन को भा गया। मेरा कोरोना के पहले अपनी फैमिली और रिलेटिव्स के साथ दुबई जाना हुआ, जहां हम 9 दिन रहे। वहां हमने हर वह जगह घूमी जो फेमस थी। हालांकि घूमने के लिए बहुत कुछ था, कई जगह अगली बार पूरी करेंगे। वहां हमने दो दिन सबसे महंगे अटलांटा होटल में रुके। जिसका रूम रेंट 25 हजार रुपए था। यहां का अलग ही अनुभव रहा।
तरह-तरह के फूड के साथ लिया घूमने का मजा
कहीं बाहर जाने में सबसे ज्यादा दिक्कत फूड की आती है, लेकिन दुबई का खान-पान हमारे जैसा था। इसलिए ज्यादा परेशानी नहीं आई। तरह-तरह के फूड के साथ हमने हर दिन को अलग तरह से जिया। बहुत सारी चीजें हमने इंटरनेट में सर्च की और उन जगहों पर भी विजिट किया।
100 किमी दूर से दिखता है बुर्ज खलीफा
सबसे पहले हम बुर्ज खलीफा गए। यह दुनिया की सबसे ऊंची इमारत है, जिसके बारे में सुन रखा था। उसे देखते ही मन रोमांच से भर गया। 100 किलोमीटर की दूरी से भी हम इसे देख पा रहे थे। वहां यहां शॉपिंग के लिए मार्केट से लेकर स्वीमिंग पूल, थिएटर सब कुछ था। यहां हमने काफी समय स्पेंड किया। लेकिन ढेरों यादें भी समेटी।
वाटर बस से किया भ्रमण, फोटो में सहेजी यादें
दुबई की इमारतें खूबसूरती को बढ़ाती हैं। अधिकतर समय हमारा इन्हें देखने में ही जाता था। दुबई मरीना का पूरा भ्रमण करने के लिए हमने वाटर बस ली। यह बस नहर के आसपास ले जाती है, जहां से हम पूरा नजारा देख पा रहे थे। इस खूबसूरती को हमने अपने कैमरे में भी कैद किया। यह ऐसा स्थान है, जहां एक बार नहीं बार-बार जाने का दिल करता है।
प्रकृति के करीब होने का आभास कराता है मिरेकल गार्डन
मुझे मिरेकल गार्डन बहुत सुंदर लगा। यहां आकर ऐसा लगा मानो हम प्रकृति के करीब आ गए हों। वहा हर किस्म के फूल थे। हमने वहां पढ़ा कि 2013 में वेलेंटाइन डे के अवसर पर इस उद्यान को लांच किया गया था, जो लगभग 7 किमी के क्षेत्रफल में बना था। यहां हम पूरे दिन रहे, लेकिन पूरा पार्क नहीं घूम पाए।
अजय सप्रा, बिजनेसमैन, ग्वालियर
Published on:
23 Jan 2022 10:30 am
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