9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Scindia Dynasty Treasure : सिंधिया के ‘तहखाने’ में मिला बेशकीमती खजाना, जिसने भी देखा फटी रह गई आंखें

Scindia Dynasty Treasure : खजाने में मिले सोने के भारी वजनी हार, रत्न, चांदी की बांसरियां सहित अन्य जेवरात व जरुरी सामान।

2 min read
Google source verification
gettyimages-1488940977-170667a.jpg

Scindia Dynasty Treasure : खबर ग्वालियर से है जहां नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग में रखी पुरानी तिजारियों को खोला गया तो उनमें बेशकीमती खजाना मिला। तिजोरी से निकले खजाने को लेकर नगर निगम महापौर, सभापति, नेता प्रतिपक्ष सहित अन्य अधिकारियों के होश उड़ गए । बताया जा रहा है कि जो खजाना मिला है उसमें रत्न, हीरे, हार सहित अन्य सामान है जिसका आंकलन किया जा रहा है। ये खजाना सिंधिया स्टेट टाइम का बताया जा रहा है।

पुरानी तिजोरी में निकला खजाना
ग्वालियर के महाराजबाड़ा स्थित पुराने नगर निगम दफ्तर में लंबे समय से दो बड़ी तिजोरियां रखी हुई थीं। जो हमेशा से बंद थीं, बाद में यहां से नगर निगम का दफ्तर सिटी सेंटर स्थित नई बिल्डिंग में शिफ्ट हो गया था लेकिन ये तिजोरियां अभी भी पुराने ही दफ्तर में थीं। सिंधिया स्टेट टाइम में बनी पुराने नगर निगम दफ्तर की बिल्डिंग में रखी इन दो तिजोरियों को जब महापौर, सभापति व अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में खोला गया तो उनमें से सिंधिया स्टेट टाइम के बेशकीमती रत्न, हार और कुछ खास पुरानी चीजें भी मिली हैं। जो इस प्रकार हैं...
- तीन जरी हार (सोने इन तीनों हार का वजन करीब 7 किलो बताया गया है)
- 4 बेशकीमती रत्न (हीरा, पन्ना, माणिक्य सहित अन्य)
- एक तराजू एक पल्ला बांट सेर, सवासेर (300 सा पुराने तौल के बांट)
- महाराज बाड़ा पर लगे चार गुंबद में से एक जिस पर सोने की परत है।
- 7 स्टेट टाइम की सीले।
- दो बड़ी और दो छोटी चांदी की बांसुरी।

यह भी पढ़ें- आखिर क्यों हो रहा इंदौर में ऐसा..कौन बिगाड़ना चाह रहा शहर की फ़िज़ा

जौहरी से कराया जाएगा कीमती सामान का आंकलन
तिजोरी से मिले इस खजाने का पंचनामा बनाया गया है और इसे फिलहाल लॉकर में सुरक्षित रख दिया गया है। बताया गया है कि जल्द ही निगम आयुक्त से स्वीकृति लेने के बाद इस कीमती सामान का जौहरी से आंकलन कराया जाएगा। इसके सिंधिया स्टेट टाइम का होना बताया गया है क्योंकि सिंधिया राजशाही के कार्यकाल में नगर निगम बन चुका था।

देखें वीडियो- क्या आपको पता है हाथी की ये खूबियां