
Gwalior High Court- मध्यप्रदेश के एक बड़े अफसर पर सख्ती दिखाई गई है। एमपी हाईकोर्ट ने प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को कोर्ट में तलब किया है। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह सख्ती दिखाई। याचिका कमलेश हायर सेकेंडरी स्कूल की है जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने प्रमुख सचिव को बुलाया। निकायाधीन शब्द के उपयोग से जुड़े इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया गया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई में उन्हें हर हाल में उपस्थित होने को कहा है।
एमपी के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल को हाईकोर्ट में तलब किया गया है। 5 हजार रुपए के जमानती वारंट से उन्हें अगली सुनवाई में कोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मामला निकायाधीन शब्द के उपयोग से जुड़ा हुआ है। याचिकाकर्ता कमलेश हायर सेकेंडरी स्कूल की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि वह शासन के अधीन विद्यालय है लेकिन स्कूल शिक्षा विभाग उन्हें निकायाधीन बताता है। निकायाधीन शब्द अस्तित्व में नहीं है, इस शब्द को डिलीट कर शासन अधीन कर दिया गया है। इसके बाद भी विभाग निकायाधीन शब्द का उपयोग कर रहा है।
कोर्ट में पूर्व में हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से निकायाधीन शब्द का अर्थ पूछा था। दो सुनवाई के बाद भी राज्य सरकार की ओर से इसका अर्थ नहीं बताया गया। सरकारी अधिवक्ता ने स्कूल की याचिका को ही खारिज करने की मांग की।
मामले में ताजा सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल को 5 हजार रुपए के जमानती वारंट से तलब किया है। याचिका पर अगली सुनवाई में उन्हें हर हाल में उपस्थित होना होगा।
Updated on:
29 Mar 2025 02:17 pm
Published on:
29 Mar 2025 02:05 pm
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