
प्रियंका गांधी के बाद अब सिंधिया की पत्नी की राजनीति में एंट्री!
ग्वालियर। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रियंका गांधी के बाद अब कांग्रेस में एक और बड़े राजघराने की बहू को राजनीति में उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। यह राजघराना है मध्य प्रदेश का। प्रदेश के सबसे बड़े राजघराने सिंधिया परिवार की बहू को चुनाव लड़ाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। सरकार में कैबिनेट मंत्री प्रदुम्न सिंह तोमर ने मांग की है कि जिस तरह यूपी में प्रियंका गांधी को कांग्रेस की कमान सौंपी गई है,वैसे ही मध्य प्रदेश में प्रियदर्शनी राजे को जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। इससे पहले गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र से प्रियदर्शनी को चुनाव लड़ाने की मांग उठ चुकी है।
गुना-शिवपुरी क्षेत्र से फिलहाल कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया सांसद हैं। शिवपुरी में सोमवार को लोकसभा प्रत्याशी के चयन के लिए कांग्रेस की बैठक हुई थी। इस बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया को पार्टी का टिकट देने की मांग की गई। इतना ही नहीं बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया, जिसमें गुना संसदीय सीट से प्रियदर्शनी राजे को प्रत्याशी बनाने की मांग की गई है। बैठक में ग्वालियर से कांग्रेस के नेता रमेश अग्रवाल,राजेंद्र बरैया,अभिलेख मिश्रा और अहमद खान सहित कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा
बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा की गई और विचार-विमर्श के साथ चुनावी रणनीति पर मंथन किया गया। लोकसभा क्षेत्र प्रभारी और पूर्व विधायक महंत राजेंद्र भारती ने कार्यकर्ताओं से कहा कि आप लोग लोकसभा चुनाव के लिए तैयार हो जाएं और गांव-गांव जाकर कांग्रेस की नीतियों को जनता तक ले जाएं और उन्हें समझाएं।
गुना से सांसद हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया
वर्तमान सांसद और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया अगर गुना संसदीय क्षेत्र को छोडकऱ अन्य संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ते हैं तो उनके स्थान पर उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया को चुनाव लड़ाया जाए। अगर ऐसा होता है तो प्रत्येक कार्यकर्ता को संघर्ष करना होगा। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया इस समय गुना लोकसभा सीट से सांसद हैं लेकिन ऐसी अटकलें हैं कि वे इस बार किसी अन्य लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं।
सिंधिया परिवार का गढ़ है गुना
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे दिवंगत माधवराव सिंधिया के बेटे हैं। माधवराव सिंधिया लगातार नौ बार सांसद रहे। माधवराव सिंधिया ने पहली बार गुना से 1971 में गुना लोकसभा सीट जीती थी। 1984 में उन्हें गुना की बजाय ग्वालियर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ाया गया था। यहां पर उन्होंने भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारी मतों से चुनाव में हराया था।
ये है गुना संसदीय क्षेत्र का गणित
गुना संसदीय क्षेत्र पर सिंधिया राजघराने के सदस्यों का लंबे अरसे से कब्जा है। इस संसदीय क्षेत्र से राजमाता विजयराजे सिंधिया और बेटे माधवराव सिंधिया के बाद उनके बेटे ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव जीतते आए हैं। इस संसदीय क्षेत्र में अब तक कुल 14 लोकसभा चुनाव हुए, जिनमें कांग्रेस नौ,बीजेपी चार और बहुत पहले एक बार जनसंघ की जीत हुई थी।
ज्योतिरादित्य सिंधिया को कांग्रेस महासचिव बनाए जाने के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 39 संसदीय क्षेत्रों का प्रभारी बनाया गया है। बड़ी जिम्मेदारी मिलने के चलते सिंधिया की सक्रियता अब गुना की बजाय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ज्यादा रहने के आसार हैं। ऐसे में प्रदेश में उनकी पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया को गुना लोकसभा से चुनाव लड़ाने की मांग की जा रही है।
Published on:
13 Feb 2019 12:35 pm
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