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प्रोफेसर की इकलौती बेटी ने फांसी लगाकर किया सुसाइड

-एसबीआइ में पीओ के पद पर पदस्थ थी, मां को कपड़े धोने भेजकर कर लिया सुसाइड़

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प्रोफेसर की इकलौती बेटी ने फांसी लगाकर किया सुसाइड

प्रोफेसर की इकलौती बेटी ने फांसी लगाकर किया सुसाइड

ग्वालियर। मां को बाथरूम में कपड़े धाने भेजकर प्रोफेसर की इकलोती बेटी ने बुधवार सुबह सुसाइड़ कर लिया। उसने जीने की रेलिंग से दुपट्टा बांधकर फांसी लगाई है। मृतिका खुद भारतीय स्टैट बैंक में पीओ के पद पर थी। पति से तलाक हो चुका था। पिता का कहना है करीब डेढ़ साल से बेटी डिप्रेशन में थी। उसी तनाव में उसने खुदकुशी कर ली। पुलिस को पता चला तो मौके पर जाकर जांच पड़ताल की गई। शव का पीएम कराकर विश्वविद़्यालय थाना पुलिस ने मर्ग कायम किया। पुलिस के मुताबिक पंत नगर निवासी पीआर पांडेय की बेटी कीर्ती पांडेय(३०)ने फांसी लगाई है। पीआर पांडेय एमएलएबी कॉलेज मेे अंग्रेजी के प्रोफेसर है। कीर्ति एसबीआई की जेएएच शाखा में पदस्थ थी। सुबह करीब ७.३० बजे जागने के बाद चाय नाश्ता किया फिर पूजा की। सुबह १०.३० बजे पिता कॉलेज चले गए। घर में मां और बेटी रह गए। कीर्ति ने मां भारती को कपड़े धोने के लिए बाथरूम में भेज दिया। उसी दौरान फांसी पर झूल गई। कुछ देर बाद दूध वाले ने आवाज लगाई। मां को लगा कि कीर्ती जाकर ले लेगी। लेकिन दूध वाला लगातार आवाज लगा रहा था। वह बाथरूम से कमरे में पहुंची तो कीर्ति फांसी पर झूल रही थी। उन्होनंे कैची से फंदा काटकर बेटी को उतारा। फिर उसे अस्पताल लेकर आए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पिता ने बताया कि कीर्ति डिप्रेशन में थी इसलिए उसका इलाज भी चल रहा था।
शादी के तीन साल बाद तलाक

कीति की फरवरी २०१६ में दिल्ली के युवक से शादी हुई थी। पति भी बैंक में पीओ था। पति के साथ विवाद होने लगे तो शादी के एक महीने बाद ही कीर्ति मायके अपने पिता के घर आकर रहने लगी। वर्ष २०१८ में उनका तलाक हो गया था। इसके बाद पति से कीर्ति का कोई ताल्लूक नहीं रहा।
सात साल से कर रही थी नौकरी

कीर्ति की सात साल पहले वर्ष २०१३ में नौकरी लगी थी। पिता ने बताया पढ़ाई में काफी होशियार होने से कीर्ति का ३ बैंकों में चयन हुआ था। लेकिन उसने एसबीआई में नौकरी जोईन की। सबसे पहले पोस्टिंग छतरपुर में हुई। इसके बाद टेकनपुर में तीसरी पोस्टिंग अलापुर में इसके बाद जेएएच शाखा में आई थी।