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मंत्री गोपाल भार्गव को आया गुस्सा, तलाशी लेने पर सुरक्षाकर्मियों पर भड़के, हाथ जोड़कर मनाते रहे अफसर, वीडियो वायरल

- तलाशी लेने पर मंत्री जी को आया गुस्सा- कार्यसमिति की बैठक में पहुंचे थे मंत्री गोपाल भार्गव- हाथ जोड़कर मनाते नजर आए अधिकारी- मंत्री ने दी सीएम से शिकायत करने की धमकी- सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

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मंत्री गोपाल भार्गव को आया गुस्सा, तलाशी लेने पर सुरक्षाकर्मियों पर भड़के, हाथ जोड़कर मनाते रहे अफसर, वीडियो वायरल

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब बैठक में शामिल होने आए मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव सुरक्षाकर्मियों पर आग बबूला हो गए। वजह ये थी कि, सुरक्षा कारणों के तहत सुरक्षाकर्मियों ने चैकिंग के लिए मंत्री गोपाल भार्गव को कार्यक्रम स्थल के गेट पर रोक लिया। मंत्री जी को सुरक्षाकर्मियों की ये बात इतनी नागवार गुजरी कि, गुस्से में वो दोबारा गेट से बाहर निकलने लगे। मौके की गंभीरता को भांपते हुए पुलिस अफसरों को मंत्री जी को मनाने के लिए दौड़ना पड़ा। यही नहीं, उन्हें मनाने के लिए उनके सामने हाथ तक जोड़ने पड़े। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

आपको बता दें कि, ग्वालियर में रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की गई है। इसमें शामिल होने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, सीएम शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत कई बड़े नेता पहुंचे हैं। बैठक में शामिल होने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री गोपाल भार्गव भी पहुंचे थे, जो सुरक्षाकर्मियों द्वारा चैंकिग के लिए रोके जाने पर खफा हो गए। अब इस मामले में कांग्रेस ने चुटकी लेते हुए कहा है कि, ये काम सिंधिया समर्थकों ने जानबूझकर पुलिस के जरिए कराया है।

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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

मामला ये है कि, पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव बैठक में शामिल होने के लिए जीवाजी यूनिवर्सिटी के सभागार पहुंचे थे। वो गेट नंबर दो से अंदर जा रहे थे, इसी दौरान वहां खड़े सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें स्थानीय नेता समझकर रोक लिया। मंत्री गोपाल भार्गव ने जब अंदर न जाने देने का कारण पूछा तो सुरक्षाकर्मियों ने जवाब में कहा कि, आपको अंदर जाने देने की अनुमति नहीं है। सुरक्षाकर्मियों के मुंह से ये बात सुनकर मंत्री भार्गव भड़क उठे और गेट से बाहर जाने लगे। इस दौरान मंत्री भार्गव ने कहा कि, 'मैं अभी मुख्यमंत्री से बात करता हूं। क्या मजाक बना रखा है।'

लेकिन जैसे ही सुरक्षाकर्मियों को पता चला कि, उन्होंने मध्य प्रदेश के मंत्री गोपाल भार्गव को स्थानीय नेता समझ लिया है तो तुरंत ही वो मंत्री जी के पीछे हाथ जोड़ते हुए दौड़ पड़े। वहीं, जैसे ही पुलिस के बड़े अफसरों को पता चला तो वो भी मंत्री भार्गव के पीछे हाथ जोड़कर दौड़े, लेकिन तब भी मंत्री भार्गव का गुस्सा शांत नहीं हुआ।इस दौरान मंत्री भार्गव ने कहा- ये क्या तमाशा है। पहचान नहीं पाए। क्या सिखा-पढ़ा दिया है आपने। इन नालायकों को लगा दिया। पहले तलाशी लेंगे। क्या है ये ? हालांकि, शोर सुनकर अंदर सभागार से अन्य वरिष्ठ नेता भी बाहर आ गए और मंत्री भार्गव को समझा बुझाकर बैठक में ले गए।

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मंत्री बोले- थोड़ी त्रुटि हुई है

इसे लेकर मंत्री ने कहा कि वहां कुछ नहीं हुआ। मैंने सुझाव दिया था कि पार्टी के परिचित नेताओं को बिठाएं। थोड़ी त्रुटि हो जाती है। वह कोई विषय नहीं है। जवान सिविल ड्रेस में था। वह अपना दायित्व पूरा कर रहा था। यह कोई विषय की बात नहीं है।


कांग्रेस का तंज

वहीं, इस मामले पर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस प्रवक्ता के.के मिश्रा ने कहा कि, भाजपा में अवसरवादी और व्यवसायी नेता किस कदर हावी होते जा रहे हैं, इसका उदाहरण ग्वालियर में नजर आया है। जिस तरह सीनियर मंत्री गोपाल भार्गव के साथ पुलिस ने बदतमीजी की, वो पीड़ादायक है, क्योंकि वो सम्मानित नेता हैं। आशंका है कि, उनका अपमान सिंधिया समर्थकों ने जानबूझकर पुलिस के जरिए कराया है। अगर ऐसा है तो उन कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा आघात है, जो समर्पण से पार्टी के लिए काम करते हैं।