
मौसम विभाग ने मानसून का किया पूर्वानुमान जारी
अंचल के लिए मानसून से अच्छी खबर नहीं है। इस बार का मानसून ग्वालियर चंबल संभाग में कमजोर रह सकता है। खंड बर्षा के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को मानसून का जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार औसत से 8 से 10 फीसदी कम बारिश रह सकती है। औसत का भी कोटा पूरा होने की संभावना नहीं दिख रही है। अगस्त व जुलाई अंचल में भारी बारिश के रहते हैं। इस दौरान मानसून कमजोर पड़ सकता है।
दरअसल जून में मानसून सीजन शुरू हो जाएगा। 24 से 26 जून के बीच अंचल में मानसून की दस्तक हो जाती है। 2025 में मानसून समय से पहले आ गया था और अक्टूबर तक बारिश की थी। 2025 में हुई बारिश से अंचल के बाद व प्राकृतिक जल स्रोत भर गए थे। बारिश ने 90 साल का रिकॉर्ड भी तोड़कर नया बनाया था। 2026 के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के अनुसार कम बारिश होगी। खंड बर्षा की वजह से बारिश असंतुलत रहेगी। कहीं सूखा रहेगा और कही बारिश होगी।
इस कारण प्रभावित हुआ है मानसून
-प्रशांत महासागर के भूमध्यरेखीय हिस्से में तापमान में बदलाव देखा जा रहा है। कमजोर ला–नीना जैसी स्थिति अब तटस्थ हो रही है और आगे चलकर एल नीनो जैसी स्थिति बनने की संभावना है। एल–नीनो के दौरान समुद्र का तापमान बढ़ जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप की ओर आने वाली नमी कमजोर पड़ती है और मानसूनी बारिश घटती है।
- हिंद महासागर की भूमिका स्थिति फिलहाल तटस्थ है। मानसून के दौरान यदि यह सकारात्मक हो जाए तो कुछ हद तक बारिश को सहारा मिल सकता है, लेकिन शुरुआती संकेत बताते हैं कि इसका प्रभाव सीमित रह सकता है।
-उत्तरी गोलार्ध में इस बार बर्फ का आवरण सामान्य से कम रहा है। बर्फ कम होने पर तापमान और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव होता है, जिसका असर मानसून की हवाओं पर पड़ता है और बारिश का पैटर्न बदल सकता है।
Updated on:
14 Apr 2026 11:11 am
Published on:
14 Apr 2026 11:11 am
