
26 साल बाद पत्नी मानने से किया इनकार, बेटियों को भी अपना नहीं माना
कुटुंब न्यायालय में पति-पत्नी का रोचक विवाद आया है। पत्नी ने भरण पोषण के लिए कुटुंब न्यायालय में आवेदन पेश किया तो पति ने पत्नी मानने से इनकार कर दिया। विवाह के बाद दो बेटियों का जन्म हुआ, लेकिन उन्हें अपनी बेटी मानने से मना कर दिया। कोर्ट ने डीएनए का आदेश भी दिया, लेकिन डीएनए के लिए नहीं पहुंचा। 26 साल बाद पत्नी मानने से इनकार किया है। इस मामले में आठ दिसंबर को फिर से सुनवाई होगी।
दरअसल गजेंद्र (परिवर्तन) एमपी पुलिस में हवलदार के पद पर कार्यरत हैं। 1997 में गजेंद्र ने रानी (परिवर्तित नाम) ग्वालियर विवाह किया। विवाह के बाद दो बेटियों का जन्म हुआ, लेकिन उनके बीच छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद होने लगा। पति-पत्नी अलग हो गए। पत्नी ने कुटुंब न्यायालय में भरण पोषण का केस दायर किया। कोर्ट के नोटिस पति की गवाही हुई तो उसने रानी को पत्नी मानने से मना कर दिया। उसने खुलासा किया कि उसकी पत्नी को गांव में है। इससे विवाह नहीं हुआ है। 1997 में किए विवाह के बाद दो बेटियों का जन्म भी हुआ। इन बेटियों को अपना नहीं माना। कोर्ट से बेटी व पति का डीएनए का आदेश हुआ, लेकिन डीएनए के लिए उपस्थित नहीं हुआ। पत्नी का तर्क था कि जब बेटी गजेंद्र की नहीं है तो उनका विवाह क्यों किया।
Published on:
08 Dec 2023 11:29 am
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
