
Renovation of sheopur district banjara dam
श्योपुर. बीते साढ़े पांच साल से बदहाल और वीरान बंजारा डैम पर्यटन केंद्र अब फिर आबाद होगा। जहां सैलानियों को न केवल बोटिंग की सुविधा मिलेगी, बल्कि चौपाटी, फॉस्ट फूड कॉर्नर आदि सहित अन्य पर्यटन सुविधाएं भी उपलब्ध होगी। इसके लिए जिला पुरातत्व एवं पर्यटन परिषद के माध्यम से बंजारा डेेम पर्यटन केंद्र को फिर से संवारने की कवायद शुरू हो गई है, इसी के लिए शुक्रवार को कलेक्टर प्रतिभा पाल और जिला पंचायत सीइओ हर्ष सिंह सहित अन्य अफसरों ने निरीक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2013 में मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने चंबल सर्किट योजना के अंतर्गत आधा दर्जन स्थलों पर सुविधाएं विकसित की, जिसमें बंजारा डेम पर्यटन केंद्र भी शामिल है। इसके बाद इसके संचालन के लिए नगरपालिका को दे दिया गया और नगरपालिका ने यहां बोटिंग और कैंटीन का ठेका भी दिया, लेकिन केंद्र महज 6 माह चल पाया, जो बीते साढ़े पांच साल से बदहाल और वीरान है। लेकिन अब जिला प्रशासन ने इसे शहर का बेहतर पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में योजना बनाई है। जिसमें सैलानियों के लिए बोटिंग शुरू कराने, कैंटीन में फास्टफूट व अन्य मनोरंजक एक्टिविटी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि केंद्र को जिला पर्यटन परिषद के माध्यम से एक निश्चित अवधि के लिए ठेके पर दिया जाएगा।
केंद्र को विकसित करने और कनेक्टिविटी रोड बनाने दिए निर्देश
शुक्रवार की दोपहर 2 बजे के आसपास कलेक्टर प्रतिभा पाल और जिपं सीइओ हर्ष सिंह ने निरीक्षण कर केंद्र का अवलोकन किया और बदहाल स्थिति पर नाराजगी भी जताई। साथ ही अधीनस्थों को केंद्र को नए सिरे से विकसित करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने पूरे केंद्र का निरीक्षण कर बंजारा डैम पुलिया के पास कनेक्टिविटी रोड बनाने के लिए नपा इंजीनियरों को स्टीमेट बनाने के निर्देश दिए। वहीं केंद्र के पिछले हिस्से में पड़ी सरकारी जमीन से भी नया रास्ता बनाने की संभावनाओं के बारे में एसडीएम रूपेश उपाध्याय ने कलेक्टर व सीइओ को अवगत कराया। कलेक्टर ने पर्यटन केंद्र के पास ही बंजारा डैम की पुरानी पुलिया पर फैले कीचड़ और गंदगी की सफाई कराने के निर्देश दिए। इस दौरान सीएमओ ताराचंद धूलिया भी मौजूद रहे।
पत्रिका ने उठाया था पर्यटन केंद्र बदहाली का मामला
छह साल पहले बने बंजारा डैम पर्यटन केंद्र की बदहाली का मुद्दा पत्रिका ने अपने 15 जनवरी के अंक में ही प्रमुखता से उठाया था। पत्रिका ने 35 लाख में बनाया पर्यटन केंद्र, छह माह चली बोट, अब साढ़े पांच साल से इंतजार शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की, जिसके बाद जिला प्रशासन ने बंजारा डैम पर्यटन केंद्र को नए सिरे से संवारने का निर्णय लिया और अब इसे धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हो गई है।
ठेकेदार ने तत्समय जमा नहीं की राशि!
एमपी टूरिज्म के केंद्र पर नगरपालिका ने 23 फरवरी 2014 को ने बंजारा डैम पर्यटन केंद्र और बोटिंग का शुभारंभ कराया और इसे 35 माह के लिए 2 लाख 51 हजार ***** रुपए में ठेके पर दिया गया, लेकिन इसका संचालन शुरू के पांच-छह माह बाद ही बंद हो गया। विशेष बात यह है कि मार्च 2018 में इसकी टेंडर अवधि भी समाप्त हो गई, लेकिन बताया गया है कि संबंधित ठेकेदार ने पूरी राशि भी जमा नहीं कराई। हालांकि नपा ने संबंधित ठेकेदार को कई बार नोटिस भी दिए, लेकिन कार्रवाई आज तक नहीं की गई।
गुप्तेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र में भी देखी व्यवस्थाएं
बंजारा डेम पर्यटन केंद्र के साथ ही कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिला मुख्यालय स्थित गुप्तेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर, मंदिर की व्यवस्थाएं देखी और उन्होंने विभागीय अधिकारियों से चर्चा करते हुए कहा कि गुप्तेश्वर महादेव मंदिर को बड़ौदा स्थित चन्द्रसागर जैसा बनाने की कार्रवाई की जाए। इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाकर मंदिर परिसर को ओर अधिक व्यवस्थित किया जाए।
बंजारा डैम पर्यटन केंद्र को नए सिरे से विकसित किया जाएगा, इसके लिए प्लान बनाया जा रहा है। इसमें बोटिंग शुरू की जाएगी और अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएगी।
हर्ष सिंह, सीइओ, जिला पंचायत श्योपुर
Published on:
08 Feb 2020 07:48 pm
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