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VIDEO ; देश के लिए हंसते-हंसते प्राण गवां दिए थे शहीद निर्भय सिंह ने,अंग्रेजों पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां

सांकुली गांव के किसानों पर जब अत्याचार हुआ तो निर्भय सिंह लोधी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

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सतीश उदैनिया@ग्वालियर/दतिया। अंग्रेजों के शासन में ही अंग्रेजी सत्ता का विरोध करना हर किसी के बस की बात नहीं है। लेकिन बसई क्षेत्र के सांकुली गांव के किसानों पर जब अत्याचार हुआ तो निर्भय सिंह लोधी ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अत्याचार का बदला उन्होंने ऐसा लिया कि उन्होंने देखते ही देखते दो अंग्रेज अफसरों की हत्या कर दी। अंग्रेजों ने फिर बदला लेते हुए ताबड़तोड़ गोलियां दागते हुए शरीर को छलनी कर दिया। इससे उनकी मौत हो गई। देश की आजादी से पहले कम लोगों की ही हिम्मत पड़ती थी जो कि अंग्रेजी शासन के खिलाफ मुंह खोल सकें लेकिन सांकुली गांव निवासी निर्भय सिंह गुर्जर ने इस मिथक को तोड़ते हुए अंग्रेजों से जमकर मुकाबला किया।

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हुआ यूं कि अंग्रेजी शासनकाल में बसई क्षेत्र के किसानों का लगान अचानक बढ़ा दिया। इसका विरोध किसानों ने किया तो उन पर दमन चक्र चलाया और उन पर लाठियां भांजी गईं। निर्भय सिंह लोधी ने किसानों का साथ दिया और अंग्रेजों के खिलाफ खड़े हो गए। देखते ही देखते उन्होंने अंग्रेज अफसरों पर हमला कर दिया। जिसमें दो कर्मचारियों की मौत हो गई।

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घटना से अंग्रेजी हुकूमत को बड़ा झटका लगा और उन्होंने जलियांबाला बाग जैसा कृत्य किया और किसानों पर गोलियां दागी गईं। इसमें निर्भय सिंह शहीद हो गए। इससे क्षेत्र के किसानों को संबल तो मिला पर निर्भय को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

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अब शहीद का परिवार गांव में ही रहता है शासन ने उनका स्मारक भी बनवा दिया है। लेकिन गांव ही नहीं देश के लोग भी शहीद निर्भय सिंह को याद करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा के लिए हंसते-हंसते प्राण गवां दिया थे।