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महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर रिटायर्ड पटवारी ने हड़पी संपत्ति

फर्जी अंगूठा लगवाकर वसीयत कराई, एसएसपी से की शिकायत  

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महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर रिटायर्ड पटवारी ने हड़पी संपत्ति

महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर रिटायर्ड पटवारी ने हड़पी संपत्ति


ग्वालियर. संपत्ति हड़पने का एक अजीब मामला सामने आया है। एक जिंदा महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर रिटायर्ड पटवारी ने उसकी संपत्ति को कूट रचित दस्तावेज के आधार पर अपनी पत्नी के नाम करा लिया। पीडि़ता का आरोप है कि उसका फर्जी अंगूठा लगाकर दस्तावेज तैयार किए गए। इस फर्जीवाड़े में गवाही देने वालों के अलावा नोटरीकर्ता, नगर निगम के कुछ लोग भी शामिल हैं। फर्जीवाड़े का राज खुलने पर पीडि़ता शनिवार को एसएसपी के पास पहुंची और उन्हें पूरा मामला बताकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।
गोला का मंदिर निवासी नारायणी देवी(70) के पतिका निधन हो चुका है। उनके तीन बेटे है। उन्होंने एसएसपी अमित सांघी को दिए आवेदन में बताया कि पंडित बिहार कॉलोनी गोला का मंदिर में उनका 1500 वर्गफुट का मकान है। जिसमे नीचे दुकान और ऊपर वह खुद रहती है। उक्त संपत्ति की वह खुद उत्तराधिकारी है। लेकिन पंडित बिहार कालोनी में रहने वाली बालीबाई पत्नी भगवान सिंह द्वारा वर्ष 2020 में फर्जी अंगूठा लगाकर फजी वसीयत तैयार करा ली। नारायणी देवी का आरोप है कि इस पूरे फर्जीवाड़े का षड्यंत्र बालीवाई के पति भगवान सिंह द्वारा रचा गया जो पूर्व मे पटवारी रहा है। इस फर्जी वसीयत में घासमंडी के रहने वाले दो लोगों ने गवाही दी। नोटरीकर्ता द्वारा कुटरचित दस्तावेज तैयार कर नोटरी की गई। इसके बाद इस षड्यंत्र को सफल बनाने के लिए वसीयत में दर्शायी संपत्ति को हड़पने के लिए उनका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र 28 अक्टूबर 2010 को नगर निगम से बनवा लिया। जिसमें मृत्यु 5 जनवरी 2001 दर्शायी गई। यह नगर निगम के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ। इसके बाद संपत्ति का नामांतरण भी 5 मार्च 2013 को अपर तहसीलदार मुरार से मिलकर नामांतरण स्वीकार के आदेश पारित करा लिए। जबकि वह अभी जिंदा है और उन्हे मृत बताकर यह फर्जीवाड़े का खेल खेला गया। नारायणी का आरोप है कि अब उसके बेटों को झूठे प्रकरणों में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

ऐसे खुला फर्जी वाड़े का राज
नारायणी बाई के बेटे आनंद तोमर ने बताया कि उनके भतीजे ने ऑनलाइन की दुकान खोली है। एक दिन ऑनलाइन अपनी संपत्ति के खसरे देख रहे थे। पहले गांव की जमीन का खसरा देखा तो वो ठीक था। शिवपुरी का प्लॉट देखा तो वो भी ठीक था। इसके बाद जब इस संपत्ति का खसरा देखा तो उसमें मा नारायणी बाई को मृत बताकर बालीवाई का नाम था। यह देखकर वह दंग रह गए। जब मालूम किया तो इस फर्जी वाड़े का पता चला। उन्होंने बताया कि एसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि दोषी पर कार्रवाई करेंगे।