2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘लुटेरी मंगेतर ‘गैंग का भंडाफोड़: शादी का झांसा, करोड़ों की ठगी

कुंवारों को मनचाही दुल्हन दिलाने का सपना दिखाकर ठगने वाले एक बड़े रैकेट का ग्वालियर में खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो फर्जी मैट्रिमोनियल सेंटरों से 20 युवतियों को पकड़ा है, जो 'लुटेरी मंगेतर बनने की बकायदा ट्रेनिंग लेती थीं।

2 min read
Google source verification

मास्टरमाइंड तिलेश्वर पटेल

ग्वालियर. कुंवारों को मनचाही दुल्हन दिलाने का सपना दिखाकर ठगने वाले एक बड़े रैकेट का ग्वालियर में खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो फर्जी मैट्रिमोनियल सेंटरों से 20 युवतियों को पकड़ा है, जो 'लुटेरी मंगेतर बनने की बकायदा ट्रेनिंग लेती थीं। इस ठगी के गोरखधंधे का मास्टरमाइंड तिलेश्वर पटेल नामक एक शातिर शख्स है, जो खुद को वकील बताकर गैंग की सदस्यों को कानूनी शिकंजे से बचाने का भरोसा दिलाता था, लेकिन साथ ही नौकरी छोडऩे पर जेल भेजने की धमकी भी देता था। यह पूरा खेल कम मेहनत में 'मोट पैसा' कमाने का झांसा देकर चलाया जा रहा था। बता दें ठगों से करीब 1500 लोगों का ब्यौरा मिला था जिन्हें दुल्हन दिलाने के नाम पर ठगा था।

सिखाया जाता था फंसाने का फॉर्मूला

पुलिस ने बताया कि पकड़ी गईं युवतियों ने खुलासा किया है कि नौकरी पर रखने से पहले सेंटर की संचालिका राखी गौड़ और सीता चौहान उन्हें 'लुटेरी मंगेतर' बनने की सात दिन की विशेष ट्रेनिंग देती थीं। इस ट्रेनिंग के बाद सरगना तिलेश्वर खुद इंटरव्यू लेता था। तिलेश्वर हमेशा वकील बनकर सामने आता था और युवतियों को भरोसा दिलाता था कि अगर वे पकड़ी गईं तो वही सबको पुलिस से बचाएगा। साथ ही, वह धमकी भी देता था कि अगर किसी ने नौकरी छोड़ी तो उसे जेल की हवा खानी पड़ेगी।

अन्य शहरों में भी था जाल

पुलिस के अनुसार, फर्जी मैट्रिमोनियल सेंटर चला रहा तिलेश्वर पटेल मूलत: छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। जांच में पता चला है कि तिलेश्वर ग्वालियर के अलावा दूसरे शहरों में भी इसी तरह के फर्जी मैट्रिमोनियल सेंटर ऑपरेट कर रहा था। ग्वालियर में उसके दो सेंटर थाटीपुर में द्वारिकाधीश मंदिर के पास और मयूर मार्केट में चल रहे थे, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों सेंटर की संचालिका राखी गौड़ और सीता समेत अन्य स्टाफ को यह भी नहीं पता था कि दोनों सेंटरों का मालिक एक ही है।

उम्रदराज पुरुष बनते थे आसान टारगेट

पकड़ी गईं युवतियों ने बताया कि लोग शादी की चाह में सेंटरों पर कॉल करते थे। उन्हें फंसाने के लिए 3500 रुपए में एक महीना और 7000 रुपए में दो महीने का पैकेज रखा गया था। ग्राहकों को उनकी मनचाही दुल्हन दिलाने का भरोसा दिलाते थे। इस उम्मीद में उम्रदराज पुरुष आसानी से फंस जाते थे और अपनी बैंक में जमा पूंजी का पूरा ब्यौरा दे देते थे। जिसके पास ज्यादा पैसा होता था, उसे लंबे समय तक बातों में उलझाकर ज्यादा पैसा ऐंठा जाता था। जो सदस्य जितनी ज्यादा ठगी करती थी, सरगना उसे कमाई में 10 प्रतिशत कमीशन देता था।

20 युवतियों को पकड़ा

तिलेश्वर फिलहाल फरार है और उसकी तलाश जारी है। उसने ठगी की रकम वसूलने के लिए युवतियों के नाम से बैंक खाते खुलवाए थे, जिनके एटीएम और पासबुक वह खुद रखता था। मामले में जल्द ही मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी की जाएगी। -धर्मेन्द्र सिंह कुशवाह, निरीक्षक, साइबर सेल