
Ruckus in BJP over making Scindia supporter president in Gwalior
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में बीजेपी में संगठन चुनावों को लेकर खासी गुटबाजी चल रही है। बुरी बात यह है कि नेताओं की आपसी खेमेबाजी और विवाद सड़कों पर आ रहे हैं। यहां अनेक मंडल अध्यक्षों के नामों की बाकायदा घोषणा करने के बाद उन्हें हटा दिया गया पर एक मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति पर बवाल मच गया है। ग्वालियर में आरएसएस की पृष्ठभूमि के इस मंडल अध्यक्ष को हटाकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के एक समर्थक को यह जिम्मेदारी दे दी गई। नए नाम की घोषणा होते ही रविवार को हंगामा मच गया। कई बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ राठौर समाज सड़क पर उतर आया और भाजपा कार्यालय के सामने धरना दे दिया।
ग्वालियर के विवेकानंद मंडल में मंडल अध्यक्ष के लिए पहले नरसिंह राठौर के नाम की घोषणा हुई थी। राठौर संघ समर्थक माने जाते हैं। बाद में पार्टी ने राठौर को हटाकर उनकी जगह अमर कुटे को मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। कुटे सिंधिया समर्थक माने जाते हैं। अमर कुटे की नियुक्ति का बीजेपी के साथ ही राठौर समाज ने भी विरोध शुरु कर दिया है।
विवेकानंद मंडल के मंडल अध्यक्ष बनाए जाने के बाद नरसिंह राठौर का स्वागत कार्यक्रम की तैयारियां चल रहीं थीं कि अचानक आदेश निकालकर उनकी नियुक्ति को रद्द कर दिया।पार्टी ने अमर कुटे को नया मंडल अध्यक्ष बना दिया।
नरसिंह राठौर को हटाने पर राठौर समाज लामबंद हो गया। समाज के लोगों ने शनिवार को देर रात ही बीजेपी नेताओं के समक्ष विरोध जताया। रविवार को वे फिर एकजुट हुए और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ भाजपा कार्यालय मुखर्जी भवन के सामने धरना दिया। नाराज लोगों ने भाजपा जिला अध्यक्ष अभय चौधरी से कुटे के स्थान पर नरसिंह राठौर को ही मंडल अध्यक्ष बनाने की मांग की।
ग्वालियर में हुए इस विरोध के संबंध में बीजेपी जिलाध्यक्ष अभय चौधरी ने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि नरसिंह राठौर को मंडल अध्यक्ष बनाया गया था लेकिन बाद में विचार विमर्श कर कुटे को मंडल अध्यक्ष बनाया। इस संबंध में राठौर समाज के लोगों ने मुझसे बात की। समाज के लोगों ने जो ज्ञापन दिया है उसे बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के पास भेजेंंगे। उनके आदेश के मुताबिक निर्णय लिया जाएगा। जिलाध्यक्ष चौधरी ने यह भी कहा कि बीजेपी में जातिगत विचार नहीं होता है। राठौर समाज के लोग भी हमारे अपने लोग हैं।
बता दें कि नए मंडल अध्यक्ष अमर कुटे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक हैं। वे सिंधिया के साथ ही कांग्रेस से बीेजेपी में आए थे।
ग्वालियर जिले में मंडल अध्यक्ष चुनाव में काफी उठापटक चल रही है। यहां कुल 17 मंडल हैं और अभी तक सिर्फ 13 पर ही मंडल अध्यक्ष घोषित किए जा सके हैं। मंडल अध्यक्षों के नाम घोषित किए जाने के बाद भी कई जगहों पर टकराव चल रहा है।
Published on:
22 Dec 2024 08:45 pm
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