
प्रदेश के सबसे बड़े मंदिर में सोने के सिंहासन पर विराजेंगे साईं बाबा,विदेशों में भी है इनकी धूम
ग्वालियर। शहर के विकास नगर में स्थित साईं बाबा मंदिर पर गुरु पूर्णिमा पर्व 26 जुलाई से दो दिन तक मनाया जाएगा। इस दौरान फूल बंगला सजाया जाएगा और बाबा को सोने के सिंहासन पर विराजित किया जाएगा। साईं मंदिर प्रदेश का पहला ऐसा मंदिर होगा,जहां पर बाबा सोने के सिंहासन पर विराजित होंगे। अहमदाबाद और जयपुर के कारीगरों द्वारा तैयार किए जा रहा सिंहासन बनकर अब तैयार हो जाएगा। जिस पर गुरु पूर्णिमा को सोने के सिंहासन पर बाब को विराजित किया जाएगा।
साईं बाबा भक्त मंडल के योगेश ने बताया कि 26 जुलाई को सुबह मंदिर में फूल बंगला सजाया जाएगा,जो 27 जुलाई दोपहर 2.54 बजे तक भक्तों के दर्शनार्थ रहेगा। दोपहर में ग्रहण के कारण मंदिर बंद किया जाएगा जो अगले दिन सुबह 5 बजे मंगल स्नान के समय खुलेगा।
बाबा को पहले दिन वैदिक मंत्रों के साथ सोने के सिंहासन पर विराजित किया जाएगा। इस सिंहासन की लागत 51 लाख रुपए आई है। यह सिंहासन जयपुर के कारीगरों द्वारा तैयार किया गया है। इसे बनाने में एक माह का समय लगा। साईं बाबा के छत्र, चरण पादुका पर सोने का पत्र चढ़ाया गया है।
अभी 67 किलो चांदी का है सिंहासन
वर्तमान में साईं बाबा जिस सिंहासन पर विराजित हैं वह 67 किलो चांदी से बना है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार स्वर्ण जडि़त सिंहासन में विशेष कारीगरी भी देखने को मिलेगी। इसे सोने की पांच परतों में तैयार किया जाएगा। सिंहासन बनाने में लगने वाला खर्च श्रद्धालुओं और ट्रस्ट की ओर से वहन किया जाएगा।
पूर्व में बन चुका 31 लाख का रत्न जडि़त मुकुट
साईं बाबा के लिए ट्रस्ट की ओर से पूर्व में करीब 31 लाख कीमत का रत्न जडि़त मुकुट बनाया जा चुका है। 1 जनवरी 2016 को पहली बार यह मुकुट पहनाया गया था। हाथरस के कारीगरों द्वारा तैयार किए गया यह मुकुट करीब 800 ग्राम वजनी सोने का है। प्रबंधन की ओर से विशेष मौकों पर साईं बाबा को यह मुकुट पहनाया जाता है।
Published on:
22 Jul 2018 04:51 pm
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