
यह युवक अपने साथ रखता था GF और पुलिस वाले कराते थे अय्याशी, सच्चाई जान दंग रह जाएंगे आप
ग्वालियर। इंदौर के हाइ प्रोफाइल संदीप अग्रवाल हत्याकांड में मास्टरमाइंड और सुपारी देने में पकड़े गए रोहित सेठी को पेशी के दौरान मुंबई गर्लफ्रेंड के साथ देहरादून और मसूरी में मस्ती की छूट देने में ग्वालियर में पदस्थ रक्षित निरीक्षक देवेन्द्र यादव सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। रोहित सेठी के गुलछर्रे उड़ाने का मामला एक माह पहले सामने आया था उसके बाद जांच में पुलिसकर्मी दोषी पाए गए बुधवार को एसपी नवीनत भसीन ने आरआइ देवेन्द्र यादव सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
इंदौर में कारोबारी संदीप अग्रवाल की हत्या की प्लानिंग और सुपारी देने में पकड़ा गया रोहित पुत्र प्रकाशचंद सेठी निवासी 37-38 बीमानगर इंदौर 15 मार्च से ग्वालियर की सेंट्रल में बंद था। संदीप की हत्या 16 जनवरी को इंदौर में हुई थी। हत्या के बाद रोहित देहरादून में दुबक गया था वहां उसे पुलिस ने नशा कारोबार में पकड़ा था।
इंदौर पुलिस उसे ले गई, इंदौर जेल में उसकी मौजूदगी संदिग्ध मानकर को ग्वालियर शिफ्ट किया गया था। यहां भी रोहित ने पैसे के बूते पर उन पुलिसकर्मियों से सांठगांठ कर ली जो उसे पेशी पर देहरादून ले जाते थे। करीब 4 महीने में रोहित सात बार पेशी पर गया था। पुलिसकर्मी ट्रेन की बजाय उसे लग्जरी कार से देहरादून कोर्ट ले जाते वहां गर्लफ्रेंड आस्मा के साथ रहने का पूरा मौका भी देते।
कॉल डिटेल से पकड़ा झूठ
8 जुलाई- पुलिसकर्मियों का कहना था कि वह ट्रेन से आरोपी को ले गए थे लेकिन फोन की कॉल डिटेल से उनका झूठ पकड़ा गया कि बंदी रोहित को पेशी की आड़ में वह ऋषिकेष तक ले गए थे।
इन्हें किया निलंबित
रक्षित निरीक्षक देवेन्द्र यादव, हवलदार त्रयबंक राव, आरक्षक जितेन्द्र, अनिल, संजय, एडबिन और अमित।
विवाद से खुला था मामला
16 जुलाई को रोहित को देहरादून पेशी पर पुलिसकर्मी ले गए थे। दूसरे दिन कोर्ट में पेशी के बाद शाम पांच पुलिसकर्मियों के साथ रोहित मसूरी पहुंच गया। वहां होटल चिमनी हाऊस में गलफ्रेंड आस्मा के साथ रुका था, यहां आसमां की हीरे की अंगूठी खो जाने पर स्टाफ से उसका झगड़ा हो गया। रोहित के साथ पुलिस को होटल स्टाफ ने फर्जी मानकर थाना नगर पंचायत पुलिस को बुला लिया। आरोपी को इस तरह अय्याशी कराने पर पकड़े जाने के डर से पुलिसकर्मी वहां से भागे लेकिन चेक पोस्ट पर पकड़े गए। आरआइ यादव भी मामले को दबा गए। उन्होंनें वरिष्ठ अधिकारियों को घटना नहीं बताई। वापस लौटने पर इन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई भी नहीं की।
जेल से पुलिस कस्टडी में पेशी पर ले जाए गए विचाराधीन बंदी को मौज मस्ती कराने उसकी गर्ल फ्रेंड के साथ रहने की छूट देने में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत मिली है। इसलिए दोषी पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।
नवनीत भसीन एसपी ग्वालियर
Published on:
05 Sept 2019 04:48 pm
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