
BANK SCAM: अब यूको बैंक में हुआ करोड़ों का घोटाला, इन प्रतिष्ठित लोगों पर होगी कार्रवाई
ग्वालियर/मुरैना। बैंक प्रबंधन व व्यापारियों की साठगांठ से यूको बैंक में वर्ष 2015- 16 में डब्ल्यू एच आर (वेयर हाउस रिसीव्ड) के नाम पर करीब 133 करोड़ का घपला होने की खबर है। इस घपले में बैंक के तत्कालीन प्रबंधक द्वारा कुछ व्यापारियों के इशारे पर नियमों को ताक कर पर रखकर फर्जीवाड़ा किया गया। बैंक मुख्यालय को इस घपले की शिकायत मिली तो बैंक प्रबंधक को मुरैना से हटाया गया और भोपाल मुख्यालय से एक टीम गठित कर मामले की जांच करवाई गई। जांच में मामला सही पाया गया। लेकिन कार्रवाई में विलंब में किया जा रहा है।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि यूको बैंक के तत्कालीन प्रबंधक ने कुछ व्यापारियों से मिलकर वेयर हाउसों में जमा माल की फर्जी रसीद के नाम पर करोड़ों का लोन दिया गया। जबकि वेयर हाउसों में माल था ही नहीं। वेयर हाउस संचालकों ने शहर के कुछ व्यवसायियों का माल अपने वेयर हाउस में रखा होना बताया, जबकि हकीकत में उन व्यापारियों का माल होना तो दूर उनको पता भी नहीं था कि हमारे नाम पर लोन लिया गया है। व्यवसायियों का न तो वेयर हाउस में माल रखा था और न उन्होंने लोन लिया था बल्कि ये सब बैंक मैंनेजर व वेयर हाउस संचालकों की मिली भगत से बैंक को चूना लगाया गया था। इस मामले की भनक जब भोपाल बैंक मुख्यालय को लगी तो सबसे पहले तो मैंनेजर को हटाया गया। उसके बाद एक जांच टीम भोपाल से ही बनाई गई। उसने जांच उपरांत मामला सही पाया और उसमें कार्रवाई की जानी थी लेकिन शुरुआत दौर में जिस तीव्र गति से कार्रवाई शुरू हुई, वह जांच पूरी होने के बाद उसी गति से सुस्त हो गई है।
पेट्रोल पंप संचालक व उसके परिजनों के नाम पर निकाला पैसा
एक वेयर हाउस संचालक जो कि हाइवे पर स्कूल का संचालन भी करता है, ने पेट्रोल पंप संचालक व उसके परिजनों के नाम पर करोड़ों रुपए का लोन बैंक से निकाल लिया। उक्त वेयर हाउस संचालक ने बैंक में दर्शाया कि इन व्यवसायियों का हमारे यहां माल रखा है। उनकी रसीद बैंक में जमाकर लोन कबाड़ लिया। लेकिन बैंक प्रबंधक व स्टाफ को स्पॉट निरीक्षण भी करना था लेकिन साठगांठ के चलते बैंक में बैठकर ही स्पॉट रिपोर्ट तैयार कर लोन केस में सम्मिट कर दी और पैसा निकालकर व्यवसायी मित्र को थमा दी। यह सब इसलिए संभव हो सका क्योंकि वेयर हाउस संचालक द्वारा मैंनेजर को लग्जरी सुविधाएं मुहैया कराई गई। एक पॉश कॉलोनी में आलीशान मकान, लग्जरी गाड़ी के अलावा और सभी सुविधाएं जो एक आम आदमी के लिए आवश्यक होती हैं, तब तक मुहैया कराई जब तक वह मुरैना रहे।
बैंक से रिकवरी पहुंची तब खुला फर्जीवाड़े का राज
जिन लोगों के नाम पर वेयर हाउस संचालक ने करोड़ों का लोन लिया था। उनके घर बैंक से रिकवरी पत्र पहुंचा तब मामला उजागर हुआ। रिकवरी पत्र देखकर उन लोगों के होश उड़ गए जिन्होंने लोन लेना तो दूर उसके बारे में कुछ पता ही नहीं था। लेकिन जब उन्होंने बैंक पहुंच कर पता किया तो पता चला कि स्कूल चलाने एक व्यवसायी ने अपने वेयर हाउस में उनका माल रखा दिखाकर फर्जी हस्ताक्षर से लोन निकाला है। जब उन्होंने वेयर हाउस संचालक से संपर्क किया तो उसने स्वीकार किया कि स्कूल की बिल्डिंग निर्माण के लिए बड़ी रकम की आवश्यकता थी, इसलिए मैंने ऐसे किया लेकिन आपका पैसा मैं जमा कर दूंगा। इस मामले को लेकर समाज की पंचायत भी हुई और वेयर हाउस संचालक ने जिन व्यापारियों के नाम पर फर्जी तरीके से पैसा निकाला था, उसमें कुछ रकम जमा भी कर दी है।
वेयर हाउस में जमा माल की रसीद के नाम पर कुछ व्यापारियों ने घपला किया है। इस मामले में भोपाल मुख्यालय से टीम आई थी। उन्होंने जांच कर ली है। शीघ्र ही कार्रवाई होने वाली है।
आसिफ खान, प्रबंधक, यूको बैंक, मुरैना
Published on:
20 Dec 2018 05:27 pm
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