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ग्वालियर. समर की छूट्टियों के बाद अब स्कूल खुलने वाले हैं। इस दौरान बच्चों को खाना खिलाना उनकी मम्मी के लिए सबसे बड़ी समस्या होती है। खाने की प्लेट लेकर अक्सर मम्मी बच्चों के पीछे भागती रहती है और बच्चे खाने से तौबा करते हैं। स्कूल में भी कई बच्चे अपना लंच पूरा नहीं लेते और भोजन से भरा टिफिन वैसा का वैसा उनके घर लेकर आज जाते हैं। खाने के प्रति बच्चों का लगाव पैदा करने के लिए उनके लंच में हर रोज कुछ नयापन लाना चाहिए। बच्चों को अक्सर जंक फूड्स से प्रेम होता है। उन्हें दाल, सब्जी, रोटी आदि खाना अच्छा नहीं लगता। यही कारण होता है कि पौष्टिक आहार नहीं मिल पाने के कारण बच्चे का सर्वांगीण विकास नहीं हो पाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों को हैल्दी खाने की जरूरत होती है।
चॉकलेट, जैम जेली करें अवाइड
50 प्रतिशत बच्चों के लंच बॉक्स में सैचुरेटेड फैट, नमक और चीनी की मात्रा ज्यादा होती है जिनमें चॉकलेट, जैम, जेली आदि प्रमुख होते हैं। इनके विपरीत बच्चों के लंच बॉक्स में ऐसा खाना होना चाहिए, जो बच्चों को दिन भर अलर्ट व ऊर्जावान बनाए रखे। अंकुरित दालें, पौष्टिक सलाद, हरी सब्जी-रोटी, फल आदि ऐसी चीजें हैं, जो आपके बच्चे के लंच बॉक्स में होनी ही चाहिए।
बच्चों को सात दिन बदलकर दें लंच
डायटिशियन बताती हैं कि हर रोज एक ही प्रकार के खाने से बच्चे भी बोर हो जाते हैं। खाने के प्रति बच्चों में लगाव पैदा करने लंच में हर रोज नयापन लाना चाहिए। सोमवार को यदि लंच बॉक्स में अंकुरित दाल व चपाती देते हैं तो मंगलवार को फूट्स रखें। बुधवार को लंच बाक्स में हरी सब्जियां तो गुरुवार को वेज सेंडविच रख सकती हैं।
डिजाइन और साइज के हिसाब से दें फूड्स
न्यूट्रीशनिस्ट का कहना है कि बच्चे मूडी होते हैं, इसलिए लंच अधिक पौष्टिक तत्व देने वाला और उनकी पसंद का हो। अक्सर बच्चे फल और सलाद खाने में आनाकानी करते हैं, इसलिए उन्हें फूड्स को कई शेप, साइज और डिजाइन में काटकर और कलरफुल लुक देकर खाने को दे सकते हैं। म्योनीज के साथ सलाद, दाल के चीले, सेंटविच और पनीर दें।
Published on:
30 Jun 2019 07:57 pm
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