
School was the master mind, officials arrived to find out, what was revealed, parents should know the whole matter
ग्वालियर। जिला प्रशासन ने शुक्रवार को स्कूल व प्राइवेट पब्लिशर्स के गठजोड़ को पता करने के लिए अलग-अलग स्कूलों का निरीक्षण किया। अभिभावकों से भी बात की। स्कूल से ही महंगी किताबें खरीदने का दबाव बनाया गया है। स्कूलों ने कोर्स में एनसीआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की किताबों को शामिल किया है। इन किताबों की कीमत भी कहीं अधिक है। इस कारण अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदनी पड़ी हैं। महंगी किताबें खरीद कराकर अभिभावकों से 50 फीसदी का कमीशन काया जा रहा है। साथ ही स्कूल संचालकों ने बिना अनुमति के 10 फीसदी फीस में भी बढ़ोतरी की है। इसकी सूचना शिक्षा विभाग को भी नहीं दी। पोर्टल पर भी अपलोड नहीं की। एसडीएम स्कूलों में किए निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपेंगे।
पत्रिका ने अभिभावकों के साथ किताबों में हो रही लूट व कमीशनखोरी का खुलासा किया था। इसके बाद जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी मैदान में उतर गए। गत दिवस एसडीएम ने किताबों की दुकानों पर छापा मारा। यहां से खुलासा हुआ कि स्कूल ही महंगी किताबों की खरीद करा रहे हैं। इसकी सच्चाई जाने के लिए मुरार एसडीएम अशोक चौहान, लश्कर एसडीएम नरेंद्र बाबू यादव, ग्वालियर एसडीएम विनोद सिंह अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों में निरीक्षण करने पहुंचे। स्कूलों ने फीस बढाई है, उसको लेकर स्कूलों से ऑडिट रिपोर्ट मांगी है।
इन स्कूलों में मिली कमियां
Published on:
06 Apr 2024 11:06 am
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