
traffic rules
इस तरह की शिकायत लगातार सामने आ रही है। इतना ही नहीं बेफिजूल चालान से परेशान होकर लोग अब स्मार्ट सिटी सीईओ, निगमायुक्त व कलेक्टर सहित भोपाल में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों को भी शिकायती पत्र भेज रहे हैं।
बता दें स्मार्ट सिटी के आईटीएमएस विभाग द्वारा राजस्व वसूली के लिए हर दिन 500 से 600 चालान बनाए जा रहे हैं। इसमें रेड लाइट वॉयलेशन (लाल बत्ती उल्लंघन), नो हेलमेट (हेलमेट नहीं पहनने पर), ओवर स्पीड (गति उल्लंघन) व हैवी मोटर व्हीकल ओवर स्पीड पर यह चालान बनाए जा रहे हैं।
यहां पर सबसे ज्यादा प्रेशर
शहर के नाका चंद्रबदनी चौराहे से झांसी रोड, सिटी सेंटर, महाराज बाड़ा, रेलवे स्टेशन, पड़ाव, आकाशवाणी तिराह, पड़ाव, फूलबाग व नदी गेट चौराहा से स्कूल-कॉलेज व यात्री बसों के वाहन गुजरते हैं, इससे यहां हर दिन काफी दबाव रहता है।
ये है आपबीती
मैंने चार महीने पहले गाड़ी बेच दी है। खरीदार के नाम गाड़ी रजिस्टर्ड भी हो चुकी है, लेकिन सिग्नल तोड़ने पर मुझे चालान भेज दिया है, जब इसकी स्मार्ट सीटी में शिकायत की तो उन्होंने बताया कि पुराना डेटा होने की वजह से गलती हुई है।- विवेक खेड़कर, अतिरिक्त महाधिवक्ता ग्वालियर
लगातार जुर्माना फिर भी लोगों में डर नहीं
स्मार्ट सिटी द्वारा वाहन चालकों से जुर्माने के रूप में वसूले गए 7 करोड़ की राशि यह बताती है कि किस तरह से लोग हेलमेट को नजर अंदाज कर रहे हैं। दुपहिया वाहन चालक हेलमेट लगाना पसंद नहीं कर रह है, ऐसे में सवाल यही है कि आखिर अर्थदंड होने के बाद भी लोग हेलमेट लगाना क्यों पसंद नहीं करते है, क्या जागरूकता की अभी भी लोगों में कमी है अथवा फिर उन्हें अपनी जिंदगी से प्यार नहीं है।
यहां तोड़े सबसे अधिक और सबसे कम सिग्नल
● सबसे अधिक : नाका चंद्रबदनी, हजीरा चौराहा, जीवाजी विवि गेट, कालपी ब्रिज, थाटीपुर, तानसेन, पिंटो पार्क व फूलबाग।
● सबसे कम : गोले का मंदिर, सिटी सेंटर, आकाशवाणी चौराहे पर सबसे कम लोग नियम तोड़ते हैं।
शहर के व्यस्त चौराहों कालपी ब्रिज, फूलबाग, पिंटो पार्क सहित अन्य चौराहे से गुजरने वाले लोगों ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहे पर आईटीएमएस में टाइमिंग सही सेट नहीं से यह कभी रेड से सीधे ग्रीन होने लगता है तो कभी काफी देर तक ग्रीन होने से यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। हालांकि स्मार्ट सिटी का दावा है कि ऐसा नहीं है प्रतिदिन 500 से 550 सिग्नल तोड़ने वालों के चालान बनाए जाते हैं। इनमें से कुछ लोग कुछ सेकंड में रेड लाइट सिग्नल तोड़ते हुए कैमरे में कैद होते हैं। वहीं 100 लोग हर दिन चालान जमा करने कंट्रोल कंमाड सेंटर पर पहुंच रहे हैं।
परिवहन विभाग को डाटा प्रोडक्शन सर्वर के लिए भेजा है पत्र
स्मार्ट सिटी आईटीएमएस के प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल शर्मा ने बताया कि अभी हम आरटीओ के पुराने रिकॉर्ड से ही चालान बना रहे हैं। ई-परिवहन का सारथी पोर्टल पर डाटा प्रोडक्शन सर्वर की कार्रवाई के लिए परिवहन विभाग को पत्र भेजा गया है। इसमें प्रथम चरण की कार्रवाई हो चुकी है और दूसरे चरण की जल्द होने की उम्मीद है।
अब तक काटे चालान
वर्ष- चालान काटे
2020- 6449
2021 -53825
2022- 88120
2023- 184661
2024- 30269
Published on:
26 Feb 2024 12:13 pm
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