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जमीन से 200 फीट अंदर है ये शिवलिंग, अदृश्य धारा करती है अभिषेक

शिवपुरी जिले की बदरवास जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम सालोन में तिलिया भरका एक प्राचीन गुफा है, जिसमें 200 फीट अंदर गहराई में एक प्राचीन शिवलिंग है।

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Gaurav Sen

Jan 06, 2017

shivling of lord shiv

shivling of lord shiv


ग्वालियर। शिवपुरी जिले की बदरवास जनपद के अंतर्गत आने वाले ग्राम सालोन में तिलिया भरका एक प्राचीन गुफा है, जिसमें 200 फीट अंदर गहराई में एक प्राचीन शिवलिंग है। इस गुफा में पूरे दिन में महज 5 मिनिट के लिए सूर्य देवता की किरणें शिवलिंग पर पड़ती हैं। जिससे बनने वाली आकृति भी भगवान शिव के चेहरे जैसी नजर आती है। इतना ही नहीं पहाड़ी के ऊपर कोई भी पानी का स्त्रोत नहीं है, बावजूद इसके लगातार बूंद-बूंद पानी शिवलिंग पर टपक रहा है।




बुधवार को पत्रिका टीम जब तिलिया भरका गुफा में पहुंची तो वहां तक पहुंचने के बीच में कई जगह मधुमक्खी के छत्ते एवं सकरे रास्ते मिले। पहाड़ के अंदर स्थित शिवलिंग पर दोपहर तक हल्की रोशनी पड़ रही थी, लेकिन उसके अंदर का कुछ अधिक नजर नहीं आ रहा था। शाम को जैसे ही घड़ी की सुइयां 4.50 पर पहुंचीं तो सूर्य देवता की किरणें गुफा के रास्ते से होकर शिवलिंग पर पड़ीं। सूरज की किरणें पड़ते ही न केवल शिवलिंग की परछाईं पीछे पत्थर पर स्पष्ट नजर आने लगी, बल्कि उस प्रतिबिंब में भी एक अलग ही तेज नजर आया।

ग्राम भरका के सरपंच मुसाब गुर्जर का कहना है कि यह अति प्राचीन शिवलिंग है, जिस तक पहुंचने में मधुमक्खी के छत्ते बड़ी बाधा हैं। इतना प्राचीन स्थल होने एवं पहाड़ी के ऊपर कोई जलस्त्रोत न होने के बावजूद शिवलिंग पर पहाड़ी के अंदर से बूंद-बूंद पानी टपक रहा है। सरपंच का कहना है कि यदि पुरातत्व विभाग इस स्थल को चिन्हित कर संरक्षित करे, तो यह भी एक अच्छा दर्शनीय स्थल बन सकता है।

NEWS BY: सोनू जाट ( शिवपुरी/बदरवास)

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