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शिवराज बताएं 9.50 करोड़ रुपए की संपत्ति कहां से आई, कौनसा धंधा है उनका

राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री पर साधा निशाना, 2 हजार रुपए के नोट को लेकर पीएम पर लगाए आरोप

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शिवराज बताएं 9.50 करोड़ रुपए की संपत्ति कहां से आई, कौनसा धंधा है उनका

शिवराज बताएं 9.50 करोड़ रुपए की संपत्ति कहां से आई, कौनसा धंधा है उनका

देवास. कांग्रेस की बैठक में शामिल होने आए राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को सर्किट हाउस पर पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पर निशाना साधा तो 2 हजार रुपए के नोट को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी पर भी आरोप लगाए।सिंह ने कहा कि मप्र में भाजपा की सरकार 2003 में आई। तब से आज तक कोई ऐसा क्षेत्र नहीं जिसमें भ्रष्टाचार के प्रकरण सामने न आए हो। शुरुआत डंपर कांड से हुई। उसके बाद व्यापमं घोटाला सामने आया। नए नियम कानून बनाए गए भर्ती के लिए। ऑनलाइन परीक्षा में गड़बड़ी हुई। ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को परीक्षा लेने के लिए चुना गया। पोषण आहार में भ्रष्टाचार हो गया। बच्चों की यूनिफार्म में घपला हो गया। पीडीएस में घपला हुआ।

तीन कमरों के घर में रह रहे दीपकस्वर्गीय कैलाश जोशी को लेकर कहा कि वे सरल, सज्जन व साफ थे। दीपक जोशी को लेकर कहा कि मैं दीपक के घर गया तो देखा यह परिवार तीन कमरों के घर में रह रहा है, जबकि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपने चुनावी फार्म में 9.50 करोड़ की संपत्ति बताई थी। आखिर इतनी संपत्ति वे लेकर कहां से आए। कौनसा धंधा-व्यवसाय है उनका।

मुख्यमंत्री के गांव में आज 200 हाइवासिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री चौहान ग्राम जैत के रहने वाले हैं। ये जब मुख्यमंत्री बने तब उस गांव में एक भी डंपर नहीं था। आज उस गांव में 200 हाइवा हैं। नर्मदा यात्रा के दौरान मैं जैत गया तो गांव से एक किमी दूर नदी में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए थे। एक आदमी से पूछा कि रेत का ठेका किसका है तो उसने कहा कि मार्शल लॉ है यहां। कल ही हमें उखाड़ देंगे।

देवास में गाइड लाइन 10 वर्षों से नहीं बढ़ीदेवास में मुख्यमंत्री पैकी प्लॉट को लेकर दो बार घोषणा कर चुके हैं लेकिन आदेश आज तक नहीं निकला। सिंह ने कहा कि देवास के आसपास की जमीनों को लैंड पूलिंग योजना में लिया गया। जो जमीन करोड़ों रुपए की है उसे कलेक्टर गाइड लाइन पर खरीदा जा रहा है। यहां गाइड लाइन 10 वर्षों से नहीं बढ़ी। इंदौर-भोपाल में बढ़ रही है तो यहां क्याें नहीं बढ़ रही। मुख्यमंत्री और यहां के कलेक्टर का उसमें क्या इंट्रेस्ट है।

नोट बदलने के लिए बेइमानों-भ्रष्टाचारियों को चार माह दे दिए2 हजार रुपए के नोट को लेकर सिंह ने कहा कि पीएम मोदी ने 2016 में नोटबंदी कर कहा था कि भ्रष्टाचार समाप्त होगा, काला धन आ जाएगा, आतंकवाद खत्म होगा और नकली नोट समाप्त हो जाएंगे। हम आज तक समझ नहीं पाए कि 2 हजार रुपए का नोट लाने का मकसद क्या था। न भ्रष्टाचार समाप्त हुआ न काला धन आया।

नोटबंदी भ्रष्टाचार का सबसे बढ़ा कारणइनके कार्यकाल में 30 हजार करोड़ का कालाधन स्विस बैंकों में जमा हुआ। आतंकवाद भी खत्म होने की जगह बढ़ गया। इनके कार्यकाल में पुलवामा अटैक हुआ। केंद्र सरकार के कार्यकाल में दो हजार रुपए के 80 हजार नकली नोट व एक लाख 81 हजार 500 रुपए के नकली नोट पकड़े गए। अधिकांश नकली नोट गुजरात में छप रहे थे। 2016 में नोटबंदी के समय 4 घंटे दिए गए थे लेकिन 2 हजार रुपए का नोट बदलने के लिए अब बड़े बेइमानों व भ्रष्टाचारियों को चार महीने दे दिए। नोटबंदी भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा कारण है।

इस दौरान कांग्रेस नेता रामेश्वर नीखरा, सज्जनसिंह वर्मा, दीपक जोशी, पर्यवेक्षक लाखनसिंह यादव, प्रभारी धर्मेंद्रसिंह चौहान, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी, जिलाध्यक्ष अशोक पटेल आदि उपस्थित थे।