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 तुमसे कितना प्यार है दिल में उतर कर देख लो…

व्यापार मेला के मंच पर शनिवार देरशाम प्रसिद्ध गजल एवं कव्वाली गायक अल्ताफ रजा ने एक से बढ़कर एक गजलों की प्रस्तुति दी।

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Gaurav Sen

Dec 11, 2016

altaf raja at datia

altaf raja at datia


ग्वालियर/ दतिया। व्यापार मेला के मंच पर शनिवार देरशाम प्रसिद्ध गजल एवं कव्वाली गायक अल्ताफ रजा ने एक से बढ़कर एक गजलों की प्रस्तुति दी। देर रात तक चले कार्यक्रम का श्रोताओं ने जमकर लुत्फ उठाया।

अल्ताफ के मंच पर आते ही श्रोताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई। अल्ताफ ने गायन की शुरुआत प्रसिद्ध गजल तुमसे कितना प्यार है, दिले में उतर कर देख लो। ना यंकी आए तो फिर दिल बदल कर देख लो। से की। इसके बाद उन्होने आवारा हवा का झोंका हूं, तुम तो ठहरे परदेशी। आदि गजलों की प्रस्तुति दी। इससे पूर्व तबला वादन पर संगत दे रही संगीता त्रिवेदी व हरमोनियम पर संगत दे रहे हरिश जेननी ने आओ पधारो की प्रस्तुति दी। प्रारंभ में भाजपा जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह बुंदेला ने स्वागत किया। एवं डॉ. विवेक मिश्रा ने गजल गायक अल्ताफ रजा का शॉल एवं श्रीफल भेंटकर स्वागत किया।


ईश्वर से जोड़ता है संगीत: अल्ताफ रजा
दतिया संगीत से जुडऩा ईश्वर से जुडऩे जैसा है। यह ईश्वर की इबादत की तरह है। कलाकार जो लोगों तक पहुंचाए और लोग उसे याद रखें और गुनगुनाएं यह ज्यादा मायने रखता है। मैं भी अपने आप में परिवर्तन ला रहा हूं और जल्द ही आपके बीच तुम तो ठहरे परदेशी टू सहित दो एलबम पेश करने जा रहा है। यह बात अल्ताफ रजा ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। उन्होने कहा कि संगीत - संगीत होता है जिसे हर लहजे में पेश किया जा सकता है। बेस्टर्न म्यूजिक महानगरों तक ही सीमित है। ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों में आज भी गजल एवं कव्वाली को ही पसंद किया जाता है।


अल्ताफ ने कहा कि कव्वाली एक ऐसा फन ऐसी मुरव्वत है जो हर किसी को नहीं मिलता इसे किसी स्कूल में नहीं सीखा जा सकता यह तो खुदा की नेमत है वह नेमत जिस पर बरसाता हैउसी पर बरसती है। उन्होने कहा कि एक कलाकार के लिए यह मायने नहीं रखता कि वह किस बैनर से जुड़ा है। प्रसिद्ध गजल एवं कव्वाली गायक अल्ताफ रजा को दतिया किला चौक के पेड़े ऐसे भाए कि वह उन्हें पैक करा कर अपने साथ ले गए।

अल्ताफ ने शनिवार को किला चौक स्थित हजरत गुलजार शाह की मजार पर चादरपोशी कर जियारत की।चादरपोशी के पश्चात उनका किला चौक टीम द्वारा स्वागत किया गया। उन्होने किला चौक पर बैठ कर चाय की चुस्कियां भी लीं और यहां बने पेडे खाए। यह इतने पसंद आए कि उन्होने अपने लिए पैक कराए। इस अवसर पर दीपक शर्मा, कृष भंबानी, वहीद खान मौजूद थे।