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ऑटो पर विज्ञापन तो देना होगा टैक्स

यदि आप हाथ ठेला, कार या ऑटो पर विज्ञापन लगाकर पैसा कमाने की सोच रहे हैं या कमा रहे हैं तो अब आपको इस पर...

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Gaurav Sen

Apr 20, 2016

tax

auto rickshaw

ग्वालियर .
यदि आप हाथ ठेला, कार या ऑटो पर विज्ञापन लगाकर पैसा कमाने की सोच रहे हैं या कमा रहे हैं तो अब आपको इस पर सरकार को टैक्स चुकाना होगा। सरकार आपसे इन विज्ञापनों के एवज में प्रतिमाह 250 से 1000 रु. वसूली सकती है। मप्र आउटडोर एडवरटाइजमेंट मीडिया रूल्स 2016 के तहत सरकार ने होर्डिंग्स, यूनिक पोल के साथ ही बस, रेडियो टैक्सी, ई-रिक्शा यहां तक कि दीवारों पर प्रचार करने वालों से टैक्स वसूलने की योजना बनाई है।

सरकार ने इस नई योजना से साल में एक हजार करोड़ रु. से अधिक की कमाई का रास्ता निकाल लिया है। अभी इस नियम का कहीं भी कोई प्रचार-प्रसार नहीं है। महज एमपीअर्बन की वेबसाइट पर नियम की प्रति अपलोड कर दी गई है। इस पर 15 दिनों में दावे-आपत्तियां मांगी गई है। एेसे में समझा जा सकता है कि आम जन को इसके बारे में कितनी जानकारी होगी और कितनी दावे-आपत्तियां आएंगी। दावे-आपत्तियां कम आने पर नियम को लागू कर दिया जाएगा। वहींं, अब इस नियम के विरोध में व्यापारियों ने विरोध करने का मन बना लिया है।


एेसे देना होगा टैक्स

निजी बस : कम से कम 1000 रुपए प्रतिमाह प्रति बस पर देना होगा।

रेडियो टैक्सी : कम से कम 1000 रु. हर माह प्रति रेडियो टैक्सी।

कार : 1000 रुपए प्रतिमाह प्रतिमाह प्रति कार पर देना होगा।

ऑटो रिक्शा: 250 रुपए प्रतिमाह प्रति ऑटो रिक्शा पर देना होगा।

हस्तचलित रिक्शा, हाथगाड़ी, ई-रिक्शा- अनुज्ञेय आकार 0.5 से अधिक लगाने पर तय राशि देना होगी


आयोजनों पर भी नजर

समारोह स्थल पर अधिकतम आकार 5 मीङ्ग3 मी आकार के विज्ञापन पर 5000 रुपए प्रति ओएमडी प्रत्येक बार अधिकतम एक महीने के लिए।

अन्य स्थानों परअधिकतम आकार 3मीङ्ग2 मी आकार के विज्ञापन पर 2500 रुपए प्रति ओएमडी प्रत्येक बार अधिकतम एक महीने के लिए चुकाने होंगे।


सिनेमा स्क्रीन पर

सिनेमा स्क्रीन पर प्रतिमाह प्रति स्क्रीन पर कम से काम 5000 रुपए देने होंगे।