
son chiraiya bird sanctuary
ग्वालियर। सोन
चिरैया अभयारण्य को केन्द्रीय
पर्यावरण बोर्ड ने गुड कटैगरी
का जंगल माना है। इससे पहले
सात सालों से ये अभयारण्य पूअर
कटैगरी में शामिल रहा। पिछले
माह केन्द्रीय पर्यावरण
मंत्रालय की टीम ने सोन चिरैया
क्षेत्र का दौरा कर इसकी मैदानी
जानकारी जुटाई थी। पर्यावरण
बोर्ड के अफसरों ने यहां दो
दिन बिताकर रिपोर्ट तैयार की
थी, जिसे दिल्ली से
अब जाकर जारी किया गया है।
आधिकारिक जानकारी
के मुताबिक सोन चिरैया में
घास और दूसरी वनस्पितियों की
सघनता ने खास तौर पर पर्यावरण
विशेषज्ञों को प्रभावित किया
था। डीएफओ विक्रम सिंह ने
बताया कि पर्यावरण विशेषज्ञों
की रिपोर्ट से इस क्षेत्र के
जंगल को राष्ट्रीय पहचान मिली
है। खास तौर पर अब सोन चिरैया
अभयारण्य प्रबंधन के लिए बेहतर
तकनीकी सुविधाएं और अवसर हासिल
हो सकेंगे।
मालुम हो कि जंगल
खासकर अभयारण्यों को तीन
कटैगरी में बांटा गया है। ये
कटैगरी पूअर, गुड
और एक्सीलेंस श्रेणी की हैं।
सूत्रों के मुताबिक पर्यावरण
बोर्ड की एक्सपर्ट टीम ने सोन
चिरैया के संदर्भ में उल्लेखनीय
जानकारी मुहैया कराई थी। जिसके
आधार पर विशेषज्ञों ने सोन
चिरैया की अनुपस्थिति का बात
साफ तौर पर नकार दी है। हालांकि
उन्होंने कहा है कि जब तक सोन
चिरैया के फोटो और वीडियो
प्रूफ नहीं मिलते, जब
तक उसको एकदम पुख्ता नहीं माना
जा सकता है।
Published on:
25 Dec 2016 02:13 am
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