
sonagir jain mandir miracle statue of jainism lord
जिगना. सोनागिर स्थित दिगंबर जैन मंदिर की कई मूर्तियों पर हो रहा प्राकृतिक जलाभिषेक लोगों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। जैन धर्म के मुनियों के लिए यह खुशी मिश्रित आश्चर्य का सबब बन गया है। पिछले चार दिनों से यहां भगवान आदिनाथ की चार मूर्तियों पर जल गिरने से न केवल वे गीली हो रही हैं बल्कि तलहटी में पानी भी जमा हो रहा है। आने वाले जैन मुनि भी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि यहां अतिशय यानी चमत्कार है।
पिछले हफ्ते सोनागिर स्थित जैन मंदिरों पर पंच कल्याण हुआ था। बड़ी संख्या में बाहर से लोगों का आना-जाना लगा रहा। दो जनवरी की दोपहर से यहां अजीब वाक्या हुआ था। 108 मंदिरों में से सात मंदिरों में स्थापित भगवान आदिनाथ की मूर्तियों पर जल गिरने लगा। रविवार को मामले की गहराई में जाकर देखा तो पाया कि अभी भी वहां चार मंदिरों नंबर 7, 11 , 15 व 36 नंबर के मंदिरों में आदिनाथ की मूर्तियों पर प्राकृतिक रूप से जल गिर रहा है। जैन धर्म के लोगों ने भी इसकी तस्दीक की तो पाया कि न केवल मूर्तियां गीली हो रही हैं बल्कि मूर्तियों से जल की बूंदें लुढ़ककर तलहटी में जा रही हैं। यहां मूर्तियों को कभी नहलाया नहीं जाता बल्कि सूखे कपड़े से पौंछ कर उनकी पूजा की जाती है। फि र भी मूर्ति गीली दिखाई दे रही हैं।
बढ़ी आस्थावानों की संख्या
मूर्तियों पर जलाभिषेक होने की जानकारी होने पर यहां आने वालों की संख्या हर रोज दो सौ से ज्यादा बढ़ गई है। पिछले चार दिनों से चल रहे इस चमत्कार की सूचना जब डबरा में रह रहे संत समर्थ सागर को मिलीतो वे भी सोनागिर पहुंचे। उन्होंने भी पाया कि मूर्तियों पर जलाभिषेक हो रहा है। पत्रिका को मुनि समर्थ सागर ने बताया कि यह भगवान का अतिशय है। देवताओं का आशीर्वाद है इससे प्राकृतिक रूप से जल गिर रहा है। मंदिरों में पूजा करने वाले पं. विपिन शास्त्री का कहना है कि हम सूखे कपड़े से जब मूर्ति पौंछते हैं तो वह गीला हो रहाहै। पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। वहीं समाज के यशवंत जैन का कहना है कि इस प्राकृतिक घटना से लोगों में खुशी है व बाहर से आने वालों की संख्या भी बढ़ी है।
Updated on:
06 Jan 2020 04:43 pm
Published on:
06 Jan 2020 03:55 pm
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