
फंस गई सोन चिड़िया, हाईकोर्ट ने कोर्ट में किया तलब
ग्वालियर। फिल्म सोन चिडिय़ा के निर्माता, निर्देशक एवं अभिनेता को उच्च न्यायालय ने नोटिस जारी किए हैं। नोटिस इ-मेल व फैक्स के जरिए भेजे गए हैं। न्यायालय ने उन्हें निर्देश दिए हैं कि वह 5 मार्च को स्क्रीनिंग के लिए फिल्म की ओरिजनल डीवीडी न्यायालय में प्रस्तुत करें।
न्यायमूर्ति जीएस अहलूवालिया ने पूर्व दस्यु मलखान सिंह तथा पूर्व दस्यु मान सिंह के पौत्र जंडेल सिंह द्वारा प्रस्तुत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए हैं। न्यायालय में फिल्म की स्क्रीनिंग के जरिए विवाद को समझा जाएगा, इसके बाद सभी पक्षों को सुना जाएगा। जंडेल सिंह राठौर द्वारा एडवोकेट सुरेश अग्रवाल के माध्यम से प्रस्तुत याचिका में कहा गया है कि उसके दादा मान सिंह के नाम का उपयोग फिल्म में उनकी अनुमति एवं जानकारी के बिना किया गया है। याचिका में कहा गया कि फिल्म के ट्रेलर को देखकर लगता है कि उनके दादा की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है।
दूसरे याचिकाकर्ता पूर्व दस्यु मलखान सिंह द्वारा एडवोकेट पुरुषोत्तम राय के माध्यम से प्रस्तुत याचिका में कहा गया कि उनके जीवन पर लिखी गई पुस्तक मलखान द स्टोरी ऑफ द बैंडिट किंग पर आधारित इस फिल्म में मुख्य चरित्र का नाम बदल दिया गया है। फिल्म में गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं, उनके कोई पुत्री नहीं है, जबकि फिल्म में सोन चिडिय़ा को उनकी बेटी बताया गया है। दोनों के अधिवक्ताओं का कहना था कि फिल्म में प्रस्तुत गलत तथ्यों को देखते हुए इस पर रोक लगाई जाए। फिल्म पहले उन्हें दिखाई जाए इसके बाद फिल्म को लेकर निर्णय किया जाएगा।
इन्हें बनाया पार्टी
याचिकाकर्ताओं ने सचिव मध्यप्रदेश शासन, कलक्टर ग्वालियर, एसपी ग्वालियर, निगम आयुक्त, सेंसर बोर्ड के चेयरमैन, फिल्म के सीईओ अनुराग श्रीवास्तव, फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक चौबे, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत, आशुतोष राणा तथा मनोज वाजपेयी सहित अन्य को पार्टी बनाया गया है।
Published on:
02 Mar 2019 07:17 pm
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