22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ईकोग्रीन कर्मचारी हड़ताल पर, मुख्यालय पहुंच जताया विरोध, 224 में से 122 वाहन ही निकले डोर टू डोर

बालभवन में अधिकारियों के साथ बैठक में भी नहीं बनी सहमति

2 min read
Google source verification
ईकोग्रीन कर्मचारी हड़ताल पर, मुख्यालय पहुंच जताया विरोध, 224 में से 122 वाहन ही निकले डोर टू डोर

ईकोग्रीन कर्मचारी हड़ताल पर, मुख्यालय पहुंच जताया विरोध, 224 में से 122 वाहन ही निकले डोर टू डोर

ग्वालियर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 की रैंकिंग में ग्वालियर को देशभर में 16वां स्थान मिले अभी एक दिन भी नहीं बीता है कि सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर कामबंद हड़ताल शुरू कर दी। इससे निगम के 224 डोर टू डोर वाहनों में से 122 ही कचरे कलेक्शन को निकले और निगम ने 100 सेकंडरी वाहनों से कचरा उठवाया। हालांकि यह ईकोग्रीन के कर्मचारी है, जिन्हें पूर्व में ही एमआईसी व परिषद द्वारा आउटसोर्स में किया था। लेकिन उसके बाद भी यह कर्मचारी पूर्व की तरह निगम के मद से ही वेतन दिलाए जाने को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं।

शुक्रवार दोपहर 12 बजे भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले सभी कर्मचारी निगम मुख्यालय पहुंचे और परिसर में बैठकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान अपर आयुक्त, उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने इन्हें समाइश देते हुए पांच सदस्यीय दल के साथ बैठक करने बालभवन में बुलाया। दोपहर 3 बजे बाल भवन में हुई बैठक में भी कर्मचारियों को समझाइश देते हुए काम पर वापस लौटने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माने और निगम के मद से ही वेतन दिए जाने पर अड़े रहे। हालांकि अपर आयुक्त, उपायुक्त सहित अन्य ने बताया कि 69 कर्मचारियों के दस्तावेज कंपनी के पास नहीं पहुंचे है, इसलिए वेतन रोक है। आप दस्तावेज उपलब्ध कराए, इससे वेतन समय पर मिल सके। उन्होंने श्रम विभाग के अनुसार ही वेतन दिए जाने की बात कही। लेकिन यह कर्मचारी नहीं माने और हड़ताल किए जाने की बात कहकर चले गए।

कर्मचारी नहीं माने तो निगम करेगा भर्ती
नगर निगम में ईकोग्रीन के 485 कर्मचारी थे, इसमें से वर्तमान में 169 सेंगर व 211 राज कंपनी में दर्ज है। चुंकि जुलाई में कर्मचारियों ने करीब 15 दिन तक हड़ताल की थी और मांग पर ही एमआईसी व परिषद से प्रस्ताव पास कर इन्हें आउटसोर्स पर रखा गया। साथ ही उनका पिछला बकाया भी देने का आश्वसन दिया और उसकी लिस्ट भी बनाकर विभाग को भेज दी। लेकिन अब यह कर्मचारी नहीं मान रहे है। ऐसे में निगम अब एक सप्ताह के अंदर आउटसोर्स पर भर्ती कर सकता है।

224 की जगह निकले सिर्फ 122 वाहन
इकोग्रीन कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शुक्रवार को निगम के 224 वाहनों में से 122 वाहन ही कचरा कलेक्शन के लिए निकले। हालांकि निगम ने 100 सेकंडरी वाहनों से कचरे का कलेक्शन कराया। लेकिन उसके बाद भी शहर के विभिन्न स्थानों पर कचरे के ढेर लगे रहे। वही शनिवार को भी निगम अतिरिक्त कर्मचारी लगाकर कचरे का कलेक्शन कराएगा।

"ईकोग्रीन कर्मचारियों का वेतन बीते तीन महीने से नहीं मिला है। हमें निगम के मद से ही वेतन दिया जाए। पार्षद, अधिकारियों ने गुमराह कर ईकोग्रीन के कर्मचारियों को आउटसोर्स में कर दिया है। हमारी हड़ताल जारी रहेगी।"
अरविंद्र कुमार मिश्रा, प्रदेश संयुक्त महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ

"जिन कर्मचारियों के दस्तावेज जमा नहीं हुए है उन्हीं का वेतन रह गया है। हम लगातार समझाइश देते हुए काम पर वापस लौटने के लिए कहा रहे हैं। यदि कर्मचारी नहीं मानेंगे तो हम नई भर्ती करने पर विचार करेंगे।"
विजय राज अपर आयुक्त नगर निगम