15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अदृश्य शक्ति काट रही इस गांव की महिलाओं की चोटी, वीडियो में देखिए रौंगटे खड़े कर देने वाला मंजर

राजस्थान में चल रही महिलाओं की चोटी काटने की घटनाओं और अफवाहों के बीच इसी तरह की कथित घटनाओं ने अब जिले में भी दस्तक दे दी है।

2 min read
Google source verification

image

Gaurav Sen

Jul 31, 2017

women pony cutting

women pony cutting

ग्वालियर/श्योपुर। राजस्थान में चल रही महिलाओं की चोटी काटने की घटनाओं और अफवाहों के बीच इसी तरह की कथित घटनाओं ने अब जिले में भी दस्तक दे दी है।

श्योपुर जिले के वीरपुर तहसील के ग्राम लीलदा की एक महिला ने रविवार सुबह दावा किया कि उसकी चोटी किसी अदृश्य शक्ति ने काट दी। घटना के बाद परिजनों व गांव में लोग डरे हुए हैं,वहीं दूसरी और मौके पर पहुंची पुलिस का कहना है कि महिला की चोटी तो उसी की है, लेकिन आज की कटी हुई नहीं लग रही, जिससे मामला संदिग्ध है।




वीरपुर तहसील के ग्राम लीलदा निवासी महिला नीतू पत्नी रघुवीर जाटव उम्र 25 साल ने रविवार सुबह दावा किया कि सुबह 8 बजे के आसपास वो कमरे में थी, तभी उसे एक सांप दिखा, जिसे मारने के लिए उसने जैसे ही डंडा उठाया, वो बेहोश होकर गिर पड़ी और जब होश आया तो उसकी चोटी नीचे कटी पड़ी मिली। इसके बाद परिजन व ग्रामीण भयभीत हो गए। इसके बाद सूचना पर वीरपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची। वहीं परिजनों ने स्थानीय जाणतेर से भाव आदि भी कराया। लेकिन महिला की कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। वीरपुर थाना पुलिस के एएसआई सुरेंद्र धाकड़ ने बताया कि महिला की चोटी आज की कटी ही नहीं लग रही है। यही नहीं जो चोटी कटे होने की बात कही जा रही है, वो बाल पूरी तरह शैंपू से धुले हुए नजर आ रहे हैं।





यहां भी कटी चोटी
मोरेना जिले कैलारस में राठौर गली पार्क के पास आज सुबह 5 बजे श्रीमती गुड्डी पत्नी मुरारीलाल जाटव उम्र 45 वर्ष के अचानक चोटी के नीचे से बाल कटकर गिर गए और उसके बाद उसके हाथ पैरों मे भयानक दर्द शुरू हो गया। घटना से लोगों मे भय का वातावरण पैदा हो गया है। उसके घर पर सैंकड़ो लोग एकत्रित हो गए हंै महिला को परिजन चिकित्सक को दिखाने ले गए हंै इसी प्रकार की घटना कल रात मे माधोपुरा ग्राम मे एक महिला के चोटी के बाल कटने की हो चुकी है। जिससे लोग भय में है और कई लोग रात में अपने घरों के बाहर पहरा दे रहे हैं।