
मुरार आर्मी क्षेत्र में पकड़े गए युवक ने बताया ये बड़ा राज, अधिकारियों के सुन उड़े होश
ग्वालियर। दो ट्रक लेकर सैन्य इलाके में घुसने की कोशिश करते पकड़े गए सचिन गावड़े ने अपनी पूरी हकीकत का खुलासा नहीं किया है। सोमवार को इंटेलीजेंस ब्यूरो सहित दूसरी खुफिया एजेंसियों से अधिकारी उससे पूछताछ करते रहे। उसमें बताया सेना में उसके पिता राजू गावड़े पदस्थ रहे हैं। सचिन सेना की वर्दी पहनकर खुद को मैसबॉय बताकर लोगों को धोखा देता रहा है।
भोपाल निवासी युवती से भी उसने सेना में नौकरी लगाने का झांसा देकर दोस्ती गांठी थी। अब वह इंवेस्टीगेशन एंजेसियों को कहानी सुना रहा है कि उसे पूना से अमित बहादुर थापा ने भेजा था। उससे कहा था कि ग्वालियर पहुंचकर दो ट्रक बुक करो। रेलवे स्टेशन बजरिया पर एनसीसी ऑफिस के गेट के पास जाकर फोन करना वहां तुम्हारी मदद के लिए दूसरा व्यक्ति आएगा वहां से क्या सामान लाना है उसे पता है। इसलिए वह यहां आया था। गोला का मंदिर से रेलवे स्टेशन जाने की बजाय आर्मी एरिया में घुस गया, वहां पकड़ा गया। सचिन ने उसे यहां भेजने वाले लोगों के फोन नंबर भी बताए हैं, लेकिन उनके स्विच ऑफ हैं।
सेना के अफसर का नाम आया
पुलिस के मुताबिक सचिन पूरे एपीसोड में सेना में पदस्थ अमित थापा का नाम बता रहा है। अमित की पत्नी पुणे में आइपीएस है और इन दिनों छुट्टी पर हैं। अमित का सचिन से क्या ताल्लुक है। पता लगाया जा रहा है। अमित का मोबाइल भी बंद है। पुलिस कह रही है सचिन गुमराह कर रहा है।
आर्मी की वर्दी, सीने पर लगी थी नेम प्लेट
सैन्य इलाके में घुसपैठ करते पकड़े गए सचिन निवासी पुणे के मामले में सोमवार को खुफिया एजेंसियां अलर्ट हुईं तो पुलिस के कान खड़े हुए। हिरासत में लेने के 24 घंटे बाद सोमवार को सेना के हवलदार विलवानंदन पुत्र सारदी एस निवासी 50 लाइट ऐडी रेजीमेंट कम्पोसिट केयरऑफ 56 एपीओ नंबर 6 बेरियल गार्ड मुरार कैंट की शिकायत पर धारा 419,140, 171 के तहत केस दर्ज किया। हवलदार विलवानंदन ने पुलिस को बताया कि शनिवार को वह ड्यूटी पर थे तब नेम प्लेट लगी आर्मी की वर्दी पहनकर सचिन वहां आया। नेम प्लेट पर एसएस गावड़े लिखा था। उसके साथ ट्रक एमपी 07 एचबी 3017 और ट्रोला आरजे 01 जीबी 0602 थे। उनके चालक सहित सचिन ने केंट एरिया के अंदर घुसने की कोशिश की।
बेरियल पर चेकिंग में उनके साथ सामसन अनिल और नायक आर आर ए नायडू थे। सैन्यकर्मियों ने सचिन को रोका तो उसने खुद को सेना का जवान बताकर चकमा देने की कोशिश की। उससे आइडी कार्ड मांगा तो सचिन सकपका गया। शक होने पर उसे पकड़ा। पकड़े जाने पर भी उसने बताया कि सेना में पदस्थ है। पुणे से एनसीसी का सामान लेने के लिए ट्रक और ट्रोला लेकर आया है। उसकी दलील पर एनसीसी कैंप पुणे से तस्दीक की गई तो घुसपैठिए की बातें झूठ निकलीं। तलाशी में सचिन से काले रंग का पि_ू बैग मिला था उसमे कुछ दस्तावेज और मोबाइल था।
फौजी बताकर युवती से दोस्ती
कुछ दिन पहले सचिन ने भोपाल निवासी रेखा से फौजी बनकर दोस्ती गांठी थी। रेखा का ब्बॉय फ्रेंड दिल्ली जेल में बंद है। सचिन ने रेखा को फौज में नौकरी दिलाने का वादा किया था। उसे भरोसे में लेकर कई बार उसके साथ होटल में पार्टियां भी कीं। सोमवार को पुलिस ने रेखा को फोन कर सचिन के बारे में तफ्तीश की तो उसका सच सामने आया।
सवालों में उलझा, सेना बोली- ताल्लुक नहीं
मोबाइल डिटेल से मिलेगा लिंक
सेना का फर्जी जवान बनकर घुसपैठ करने वाले आरोपी से पूछताछ की जा रही है। वह लगातार गुमराह कर रहा है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल से पता लगेगा कि ग्वालियर आने तक वह किन लोगों के संपर्क में था।
सुधेश तिवारी मुरार टीआइ
Published on:
23 Oct 2018 12:25 pm
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