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बारिश की मेहरबानी, एक साल से बोरिंग खराब

नर्सरी में विगत एक साल से पानी की बोरिंग खराब पड़ी है। ऐसे में अगर बारिश न हो तो कितने कीमती पौधे खराब या मर जाते। इस व्यवस्था के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है?

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बारिश की मेहरबानी, एक साल से बोरिंग खराब

बारिश की मेहरबानी, एक साल से बोरिंग खराब

ग्वालियर. शासकीय नर्सरी से संभाग भर के कई किसानों के साथ शहर के लोग पौधों को खरीदकर ले जाते हैं। यह पौधे कम कीमत के साथ अच्छी क्वालिटी के होते हैं। इस नर्सरी में मालियों के द्वारा पौधे तैयार कराए जाते हैं, लेकिन नर्सरी में पौधों को पानी देने वाली बोरिंग मशीन एक साल से खराब पड़ी है। बोरिंग को ठीक कराने का प्रस्ताव अधिकारियों ने भेज दिया है, लेकिन उसके बावजूद भी यह ठीक नहीं हो पाई है। बारिश के चलते पौधों अच्छे हो गए है। अगर अब बोरिंग जल्द ठीक नहीं हो पाई तो आने वाले दिनों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
-इतनी बड़ी नर्सरी में बोरिंग क्यों ठीक नहीं हो पा रही?
- हमारे यहां की बोरिग खराब हुए तो एक साल से ज्यादा का समय हो गया है। इसके लिए कई बार प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, लेकिन फंड की कमी के चलते परेशानी आ रही है। गर्मी के दिनों में तो पानी की काफी दिक्कत आ गई है। हमने जैसे-तैसे अपने पौधों को बचाया है।
- मालियों को किस तरह का प्रशिक्षण दिया जाता है?
-मालियों को पहली बार प्रशिक्षण के माध्यम से सब्जी, फल , मसाला की खेती के बारे में प्रेक्ट्रीकल रुप में समझाया जाता है। इसके साथ ही उनको कैसे फसल को गर्मी और अन्य मौसम में बचा कर रखनी है। इसके बारे में भी बारीकी से समझाया जाता है। इससे जिले के छोटे- छोटे किसान भी इससे जानकारी एकत्र करके अच्छी खेती कर सकते है।
-बारिश होने से अब पौधों की स्थिति क्या है?
-इस बार बारिश से हमारे पौधों को स्थिति काफ ी अच्छी स्थिति है। कई पौधे जो हमारे गर्मियों में खराब हो गए थे। उन्हे इस बारिश से जीवन दान मिल गया है। इससे हमारे यहां कई वैरायटी के पौधे तैयार हो सकेंगे।
-उद्यान में कौन- कौन से पौधे तैयार किए गए हैं?
-उद्यान में कम कीमत पर शहर के लोगों को काफी पौधे यहां पर मिलते है। जिसमें फल-फूल के साथ सब्जियों और अन्य पौधे भी उपलब्ध होते है। जिसमें गुलाब की कई वैरायटी के साथ सीजनल पौधे भी हर समय उपलब्ध रहते हंै। इस समय जामुन, अमरुद, नीम, नीबू सहित कई अन्य पौधे तैयार है।