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१६ साल के बालक फिरौती के लिए हत्या करने वाले दोषी को आजीवन कारावास की सजा

25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया

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१६ साल के बालक फिरौती के लिए हत्या करने वाले दोषी को आजीवन कारावास की सजा

१६ साल के बालक फिरौती के लिए हत्या करने वाले दोषी को आजीवन कारावास की सजा

ग्वालियर. विशेष सत्र न्यायालय ने 16 साल के बालक की फिरौती के लिए हत्या करने वाले दोषी अनिल उर्फ गजेंद्र अहिरवार निवासी ग्राम बमौरी जिला टीकमगढ़ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने दोषी को सजा काटने जेल भेज दिया, जबकि सजा के वक्त एक दोषी अनुपस्थि रहे। इस कारण कोर्ट ने रिकॉर्ड संभालकर रखने के निर्देश दिए हैं।
अपर लोक अभियोजक सचिन अग्रवाल ने बताया कि धर्मवीर सिंह भदौरिया 29 जून 2016 को घर से कोचिंग पढऩे के लिए निकला था, लेकिन कोचिंग पढऩे के बाद घर नहीं लौटा। जब बच्चा घर नहीं पहुंचा तो मां ने गोला का मंदिर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उसके बाद फिरौती के लिए फोन आया। जब फिरौती नहीं पहुंची तो बच्चे की हत्या कर शव सीवर लाइन में फेंक दिया। पुलिस ने इस पूरे मामले के आरोपियों को पकड़ा और पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ चालान पेश किया। इसमें एक दोषी नाबालिग भी था, लेकिन वयस्त की तरह सोच रहा था, जिससे चलते विशेष न्यायालय में ट्रायल चली। कोर्ट ने अनिल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि अनूप बैश अनुपस्थित होने पर सजा का ऐलान नहीं सका।