
पिछले डेढ़ साल में बढ़ी 21 प्रतिशत हर्बल प्रोडक्ट की मांग, युवाओं ने शुरू किया स्टार्टअप
ग्वालियर.
कोरोना ने लोगों को हर्बल ऑर्गेनिक प्रोडक्ट की उपयोगिता बता दी है। एक रिसर्च के अनुसार पिछले डेढ़ साल में 21 परसेंट हर्बल प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ी है। खास तौर से यूथ भी इन प्रोडक्ट का यूज करने लगा है। कई मल्टीनेशनल कंपनीज ने भी अपने हर्बल प्रोडक्ट मार्केट में लॉन्च किए हैं। इसी डिमांड को देखते हुए प्रदेश के युवाओं ने स्टार्टअप शुरू किया है। ग्वालियर की रीमा मंगल के हर्बल प्रोडक्ट पूरे देश में सप्लाई होते हैं। वे अमेजॉन और फ्लिपकार्ट में भी अवेलेबल हैं। इंदौर की इंजीनियर क्षमा माने हर्बल प्रोडक्ट की छोटी शुरुआत की थी और आज उनके 40 प्रोडक्ट विदेश तक पसंद किए जा रहे हैं। शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय जबलपुर के प्रो डॉ आरके गुप्ता ने बताते हैं कि समय के साथ हर्बल प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ी है, जिनमें अब ब्रेक लगने वाला नहीं है। युवा इसमें अपना कॅरियर भी तलाश सकते हैं।
ऑनलाइन किया कोर्स, अब बना रहीं 10 हर्बल प्रोडक्ट
मैं एक स्कूल में टीचर थी। लॉकडाउन में स्कूल बंद हो गए। उस समय हमने हर्बल प्रोडक्ट की उपयोगिता समझी। मेरे दिमाग में आइडिया आया और मैंने हर्बल ऑर्गेनिक प्रोडक्ट के बॉम्बे, पुणे और नागपुर से 11 ऑनलाइन कोर्स किए। अप्रेल 2020 में पांच प्रोडक्ट से स्टार्टअप शुरू किया। मेरा बिजनेस और पढ़ाई साथ चलती रही। आज मैं 40 प्रोडक्ट तैयार करा रही हूं। कुछ प्रोडक्ट ग्वालियर तो कुछ बद्दी में तैयार होते हैं। इनमें शैम्पू, फेस स्क्रब, सीरम, विटामिन सी सीरम, फेश वॉश, हेयर ऑयल, फेस पैक, फेस जूल, लिप बाम, रोज वाटर, हिना पैक, हैंडवॉश आदि शामिल हैं, जिनकी डिमांड ऑनलाइन आती है और मेरी टीम प्रोडक्ट बनाकर, पैकिंग कर सप्लाई करती है। मेरे इस स्टार्टअप को हसबैंड नीरज मंगल ने सपोर्ट कर रहे हैं।
रीमा बंसल, फाउंडर, लक्ष्मी ऑर्गेनिक ग्वालियर
इंजीनियरिंग छोड़ शुरू किया हर्बल प्रोडक्ट्स का स्टार्टअप
कॉलेज के दिनों में मैंने कभी अपनी स्किन पर ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते मेरी स्किन काफी खराब हो गई। मम्मी के बताने पर कुछ घरेलू प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किए, जो फायदेमंद रहे। तब ही मैंने सोचा क्यों न अपना स्टार्टअप शुरू किया जाए और मैंने हैंडीक्राफ्ट हर्बल स्किन प्रोडक्ट्स बनाना शुरू किया। शुरुआत मैं मैंने इन्हें अपने परिवार और फ्रेंड्स के साथ शेयर किया। सभी को यह काफी पसंद आने लगे और अब मैं सोप, डिओ, लिप बॉम, बॉडी वॉश सहित करीब 40 तरह के प्रोडक्ट्स बनाती हंू। मेरे बनाए केमिकल फ्री प्रोडक्ट्स मुंबई, पूणे, दिल्ली सहित यूएस तक जाने लगे हैं। इनसे स्किन पर कोई नुकसान नहीं होता है। इसका प्रोफेशनल कोर्स भी अवेलेबल है। क्रिएटिविटी व नेचुरल इन्ग्रीडियंस का उपयोग कर इसमें अच्छा कॅरियर बनाया जा सकता है।
क्षमा माने, इंजीनियर, इंदौर
बनी रहेगी डिमांड, युवा बना सकते हैं कॅरियर
कोविड काल के बाद से खासकर भारतीयों में हर्बल प्रोडक्ट के प्रति रुझान बढ़ा है। लोग अंग्रेजी दवाओं की अपेक्षा स्वयं को हेल्दी रखने के लिए आयुर्वेद या हर्बल प्रोडक्ट का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले समय में इसकी डिमांड जमकर बढऩे वाली है। इसमें कॅरियर बनाने वालों के लिए मल्टीनेशनल कंपनियां जॉब ऑफर कर रही हैं। पिछले एक दशक में आयुर्वेद या हर्बल प्रोडक्ट की कई बड़ी कंपनियां शुरू हो चुकी हैं। जबलपुर जैसे शहर में भी हर्बल उत्पादों की छोटी-छोटी इकाइयां शुरू हो गई हैं। मप्र में हर्बल उत्पादों की बहुत डिमांड है।
डॉ आरके गुप्ता, प्रोफेसर पंचकर्म, शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय जबलपुर
अब बड़े पैमाने में उत्पादन की तैयारी
करीब तीन साल पहले हर्बल प्रोडक्ट तैयार करने की दिशा में काम शुरू किया।
शरीर और बालों की देखभाल करने वाला ब्रांड तैयार किया। इसकी सप्लाई के लिए मार्केटिंग चेन बनाई है। जड़ी बूटियों से इन्हें तैयार किया जा रहा है। 2018 में स्टार्टअप के रूप में इसकी शुरुआत की थी। वर्तमान में बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी है।
गौरव तिवारी, को फाउंडर माय स्टिक यू अर्थ भोपाल
Published on:
01 Jan 2022 12:02 am
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