
Divorce
Divorce: विवाह के बाद पत्नी चार साल पति के साथ रही, लेकिन कोई संतान नहीं हुई तो दोनों अलग हो गए। पत्नी ससुराल छोड़ मायके पहुंची गई। दोनों अपने रिश्ते की दरारों को नहीं भर पाए। तलाक के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी। दोनों को अलग होने में 17 साल लग गए।
हाईकोर्ट ने तलाक की डिक्री पारित करते हुए कहा कि लंबे समय तक साथ नहीं रहना भी एक क्रूरता है। ऐसे विवाह को जारी रखा जाता है तो एक दूसरे के प्रति क्रूरता को मंजूरी देना है। हाईकोर्ट ने पति को आदेश दिया कि पत्नी को 2 लाख रुपए स्थायी भरण पोषण दे। कोर्ट ने तलाक की डिक्री पारित कर दी।
रानी (परिवर्तित नाम) का विवाह 19 मई-2002 को हुआ था। पति-पत्नी ने चार साल साथ बिताए, लेकिन संतान नहीं होने पर पत्नी ने 2007 में पति का घर छोड़ दिया। पति उसे कई बार मनाने गया और वापस लाने के लिए हाथ पैर भी जोड़े, लेकिन पत्नी वापस नहीं आई।
इसके बाद शिवपुरी के कुटुंब न्यायालय में तलाक का वाद पेश किया। शिवपुरी के कुटुंब न्यायालय ने तलाक को स्वीकार कर लिया। पत्नी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। कोर्ट ने दोनों को तलाक की डिक्री दी है। इसके बदले में पति, पत्नी को 2 लाख रुपए स्थायी भरण पोषण देगा।
Published on:
19 Feb 2025 03:59 pm
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