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लॉकडाउन में रामायण देख आया आइडिया, तैयार की सबसे छोटी किताब

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज, 94 पेज की किताब का वजन है 16 ग्राम

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लॉकडाउन में रामायण देख आया आइडिया, तैयार की सबसे छोटी किताब

लॉकडाउन में रामायण देख आया आइडिया, तैयार की सबसे छोटी किताब

ग्वालियर.

लॉकडाउन में लोगों को घर पर रहने का अवसर मिला। किसी ने रिलैक्स मोड में समय निकाला, तो किसी ने मोबाइल और टीवी देख समय काटा। लेकिन इन्हीं में से कुछ लोग ऐसे भी रहे, जिन्होंने इस समय को पूरी तरह युटिलाइज किया और अपने टैलेंट के दम पर देशभर में नाम रोशन किया। इन्हीं में से एक हैं ग्वालियर के विनय श्रीवास्तव, जिन्होंने सबसे छोटी किताब का निर्माण कर रामायण के सात कांडों को हिंदी भाषा में समाहित किया। इसके लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में उनका नाम दर्ज हुआ।

यह है साइज
रामायण का वजन 16 ग्राम है, जिसमें 94 पेज हैं। लम्बाई 4.5 सेमी, चौड़ाई 4 सेमी और थिकनेस 1 सेमी है। इसे हिंदी सरल भाषा में लिखा गया है। बुक में तस्वीरें भी दी गई हैं। विनय ने यह पुस्तक लगभग डेढ़ माह में तैयार की।

मेडम ने किया एप्रिशिएट और मैंने लिखना शुरू किया
विनय ने बताया कि मैं एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में लाइब्रेरियन के पद पर कार्यरत हूं। कोरोना की पहली लहर के दौरान स्कूल बंद हुए और हम घर में लॉक हो गए। उस समय दूरदर्शन पर रामायण शुरू हुई। देखते ही मन में ख्याल आया कि क्यों न एक छोटी किताब में रामायण लिखी जाए, तब मैंने प्रिंसिपल मेडम मंजू सिंह से आइडिया शेयर किया। उन्होंने एप्रिशिएट किया और मैंने लिखना शुरू कर दिया।

कटिंग, बाइंडिंग और कवर पेज भी खुद तैयार किया
मैंने टाइपिंग कम्प्यूटर से की। इसमें मैंने कहीं 4 व 4.5 फॉन्ट साइज का यूज किया। रामायण को बिना दूसरी डिवाइस का सहारा लिए पढ़ा जा सकता है। वैसे किताबों में 12 से 14 फॉन्ट का यूज होता है। इस किताब को मैंने खुद बनाया। पेज की कटिंग, बाइंडिंग, कवर पेज सब मैंने तैयार किया। मुझे 9 दिसंबर 2020 में सर्टिफिकेट मिला।

वेस्ट पेपर से तैयार किया बॉक्स
विनय ने रामायण रखने के लिए एक संदूक भी खुद ही तैयार की है। इसमें उन्होंने वेस्ट पेपर का यूज किया है। यह देखने में बहुत अट्रैक्टिव है।