
आकाश
सक्सेना.
ग्वालियर।
शहर के पर्यावरण पर फिर संकट
के बादल मंडरा रहे है। इस बार
शिवपुरी लिंक रोड पर करीब 500
से अधिक
हरे भरे वृक्षों को काटने की
तैयारी की जा रही है। यहां लोक
निर्माण विभाग सड़क का निर्माण
करा रहा है,
जिसमें
करीब 50
से 200
साल
पुराने हरे भरे वृक्ष बाधक
बन रहे हैं।
उक्त
वृक्षों को ट्रांसप्लांट
करने की जगह अफसर उन्हें काटने
पर तुले हैं। जबकि पांच साल
पेहले भी एनएच 92
के
निर्माण के लिए पेड़ काटने
की अनुमति दी गई थी। लेकिन
पेड़ काटने से पहले दी गई शर्तों
का पालन निगम प्रशासन अब तक
पेड़ काटने वाले विभाग से नहीं
करा सका। एेसे हालात में फिर
से हरियाली को काटने का प्रस्ताव
निगम के पास पहुंच चुका है।
इसलिए
भी संकट
करीब
पांच साल पहले एनएच 92
के लिए
पुरानी छावनी ग्वालियर से
इटावा तक करीब 108
किलोमीटर
के हाइवे निर्माण के लिए करीब
5000 हरे
भरे वृक्षों को काटा गया। जबकि
अनुमति कुछ हजार पेड़ों की
ही ली गई। लेकिन आज तक ग्वालियर
सीमा में उनकी पूर्ति नहीं
की जा सकी। जिसका नतीजा शहर
में प्रदूषण बढ़ा और विश्व
के चुनिंदा शहरों में ग्वालियर
का नाम बदनाम हुआ। अब फिर से
पेड़ काटने की अनुमति मांगी
गई है। जबकि उक्त वृक्षों का
ट्रांसप्लांट भी हो सकता है।
लेकिन अफसर ट्रांसप्लांट के
लिए तैयार नहीं हैं। वह पेड़
काटकर पर्यावरण के प्रति
जिम्मेदारी से बचने की कोशिश
कर रहे हैं।
कर
रहे हैं विचार
पूर्व
में एनएच 92
पर पेड़
काटने की अनुमति दी गई थी,
लेकिन
उन्होंने पेड़ नहीं लगाए। इस
बार लोक निर्माण विभाग ने पेड़
काटने की अनुमति मांगी है।
हम विचार कर रहे हैं। इस बार
एक बड़ी राशि निगम में जमा
कराएंगे।
- मुकेश
बंसल,
नोडल
अधिकारी पार्क
हो
ट्रांसप्लांट
पूरी
दुनियां ग्लोबल वार्मिंग की
समस्या से बचने के लिए पर्यावरण
बचाने की कोशिशों में जुटी
है। हमारा शहर भी पेड़ कटने
से प्रदूषित हो रहा है। अफसर
पेड़ ट्रांसप्लांट करने से
बच रहे हैं। जो शहर के लिए घातक
है।
- सुधीर
सप्रा,
सदस्य
हरियाली गैंग
मांगी
है अनुमति
करीब
300 से
अधिक पेड़ रोड निर्माण में
बाधा हैं। इसके लिए अनुमति
मांगी हैं। हम ट्रांसप्लांट
पर भी विचार करेंगे।
राकेश
उपाध्याय,
एसडीओ
लोक निर्माण विभाग
फिर
चली हरे-भरे
पेड़ पर कुल्हाड़ी
ग्वालियर.
शहर
में हरियाली पर कुल्हाड़ी
चलाने के मामलों में कमी नहीं
आ सकी है। फिर से रविवार को ही
बलवंत नगर में नीम के हरे भरे
पेड़ की कटाई की गई। इस दौरान
आसपास के रहवासियों ने मामले
का विरोध किया। लोगों ने शिकायत
कर बताया कि मौके पर करीब 50
साल
पुराने पेड़ को काटा जा रहा
है,
जिसकी
अनुमति भी निगम से नहीं ली गई
है। इस शिकायत पर जेडो राजीव
सोनी ने मामले की पड़ताल करते
हुए पेड़ के काटे जाने की पुष्टि
की है,
जिस
पर सोमवार को संंबंधित के
खिलाफ कार्रवाई किए जाने का
आश्वासन भी दिया है।
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