
सीआरपीएफ सिपाही भर्ती परीक्षा : सॉल्वरों से दिलाई लिखित परीक्षा, फिजिकल देने आए तो सामने आई सच्चाई
ग्वालियर। सीआरपीएफ में फर्जीवाड़े के जरिए आरक्षक बनने की कोशिश में तीन फरेबी पकड़े गए हैं,सीआरपीएफ के नयागांव सेंटर पर तीनों फिजीकल परीक्षा देने आए थे। उनके फोटो और अंगूठा निशान मेल नहीं खाया तो फिजीकल परीक्षा में मौजूद सीआरपीएफ के अधिकारियों ने तीनों को राउंडअप कर लिया। उन्हें इंट्रोगेट किया तो फरेबियों ने माना कि सॉल्वर ने ठेके पर उन्हें लिखित परीक्षा पास कराई थी। इसके एवज में ऑनलाइन लिखित परीक्षा देने वालों को टोकन मनी भी दी थी, बाकी रकम नौकरी मिलने पर देना थी।
सीआरपीएफ निरीक्षक विभू सिंह ने बताया इन दिनों नयागांव सेंटर पर सिपाही भर्ती का फिजीकल टेस्ट चल रहा है। ऑनलाइन लिखित परीक्षा पास कर चुके प्रतियोगियों को इसमें कॉल किया है। इसमें पिछले दो दिन में तीन फर्जी छात्र पकड़े गए हैं। पहली खेप में पचोकरा, मुरैना निवासी धु्रवसिंह पुत्र दधिराम जाटव, बुधनपुरा भिंड निवासी जितेन्द्र पुत्र सूरतराम जाटव पकड़े गए। ग्राउंड पर इन दोनों के फोटो और फिंगर प्रिंट मिस मैच होने पर दोनों को पकड़ा। मंगलवार को गोहद, भिंड निवासी शिवनारायण पुत्र कमल सिंह भी इसी तरह पकड़ा गया। पूछताछ में ध्रुव और जितेन्द्र ने बताया कि सिपाही भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरा था।
ऑन लाइन टेस्ट के लिए भोपाल बुलाया था लेकिन वह एग्जाम देने नहीं गए। उनकी जगह सॉल्वर ने पेपर दिया था। उसमें पास हो गए तो फिजीकल देने खुद आए थे। दोनों ने सॉल्वर का नाम भी बता दिया है। जितेन्द्र और शिवनारायण ने खुलासा किया है कि उसकी ऑनलाइन परीक्षा ग्वालियर में हुई थी इसके लिए सॉल्वर ने 20 हजार रुपए पेशगी लिया था। बाकी रकम नौकरी मिलने के बाद देना तय हुआ था। तीनों आरोपियों को पनिहार पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे सॉल्वर और ठेके पर परीक्षा दिलाने वालों के नाम पते जुटाए जा रहे हैं।
सॉल्वर पर साधी चुप्पी
उधर आरोपी धु्रव जाटव सॉल्वर के बारे में चुप्पी साधे हुए है। धु्रव दलील दे रहा है उसका भाई मुंबई में रहता है। उसने ही सीआरपीएफ में आरक्षक भर्ती परीक्षा का फॉर्म भरवाया था। यह भी कहा था कि परीक्षा देने जाने की जरूरत नहीं है। वह सारा इंतजाम कर देगा। भाई ने सॉल्वर बुक किया था। इसलिए उसे नहीं पता कि सॉल्वर ने परीक्षा देने के एवज में कितना पैसा लिया है। उसे तो यह बताया गया था कि ऑनलाइन परीक्षा में पास हो गया है अब सिर्फ फिजीकल टेस्ट देना है।
ऐसे पकड़े गए
पुलिस के मुताबिक सिपाही की भर्ती परीक्षा एसएससी के जरिए हुई थी। इस बार परीक्षा आयोजकों ने एग्जाम के बीच में परीक्षा देने वालों की फोटोग्राफी की थी। जो प्रतियोगी लिखित परीक्षा में पास हुए एग्जाम हाल में उनके फोटो खींचे गए और लिए गए फिंगर प्रिंट उनके नाम की सूची के साथ नयागांव सेंटर पर भेजे गए। जिन परीक्षार्थियों की जगह सॉल्वर ने पेपर दिया था उनकी जगह सॉल्वर का फोटो और फिंगर प्रिंट थे इसलिए आरोपी पकड़े गए।
Published on:
28 Aug 2019 12:00 pm
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