
तीन परिवार हुए बर्बाद: जल्द लौट कर आऊंगा बोलाकर गए थे पापा, तीन लोगों का काल बनी तेज रफ्तार कार
ग्वालियर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर फैक्ट्री से पूजन कर घर लौट रहे तीन कर्मचारियों को भिण्ड रोड पर तेज स्पीड में राँग साइड आ रही कार ने उनकी गाड़ी में टक्कर मारी दी। टक्कर से स्कूटर उछल कर कार के बोनट पर जा गिरा, जिससे यह तीनों कर्मचारी उलझ गए और कार चालक उन्हें करीब 50 फीट तक घसीटते ले गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया है कि कार में बच्चा भी बैठा था। एक्सीडेंट में उसके भी सिर में चोट आई है। एक्सीडेंट के बाद कार चालक डर गया कि कहीं तीन लोगों के शव देखकर पब्लिक हिंसक न हो जाए, इसलिए वह जख्मी हालत में ही बच्चे को कार से निकाल कर भाग गया।
पुलिस ने बताया सूर्या फैक्ट्री में सोमवार को विश्वकर्मा जयंती पर कारखाने में लगी मशीनों का पूजन था। इसमें कारखाना प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों को आने के लिए कहा था। फैक्ट्री कर्मचारी पुष्पराज जादौन (46), सत्यजीत पाल (35) और अवधेश सिंह (45) तीनों उसमें शामिल होने के लिए स्कूटर एमपी 07 एसएल 1173 से सुबह करीब 8 बजे मालनपुर गए। दोपहर 11 बजे के करीब पूजन खत्म होने पर तीनों वापस लौट रहे थे। रसूलपुर गांव के पास कार एमपी 07 सीसी 1181 ने सामने से आकर उनके स्कूटर में टक्कर मारी।
स्पीड बहुत तेज थी इसलिए नहीं लग पाए कार के ब्रेक
प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कार करीब 90-100 की स्पीड में थी। कार चालक ने सामने जा रहे वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसलिए कार रॉंग साइड में चली गई सामने से एक्टिवा आ रही थी। तेज स्पीड होने की वजह से कार चालक ब्रेक नहीं लगा पाया। उसमें सीधी टक्कर मारी जिससे एक्टिवा हवा में उछल कर कार के बोनट पर चढकऱ कांच में धंस गई। चालक कार को कंट्रोल नहीं कर सका। एक्टिवा पर बैठे तीनों कर्मचारी गुलांट खाकर कार के सामने गिरे। उन्हें कार ने कुचल दिया। स्कूटर सहित तीनों कार में उलझ गए थे, कार चालक ने बचकर भागने की कोशिश की, यह नहीं देखा कि तीनों कर्मचारी कार के साथ घिसट रहे हैं। करीब 50 फीट दूर जाकर उसने ब्रेक लगाए फिर उतर कर भाग गया। महाराजपुर टीआइ यदुनाथ सिंह तोमर के अनुसार कार पंकज महेश्वरी निवासी थाटीपुर के नाम दर्ज है। उसे तलाशा जा रहा है।
जल्दी लौटंूगा, कह कर गए थे पापा
दर्दनाक हादसे में कर्मचारियों की मौत से उनके परिवार में मातम पसर गया है। अवधेश सिंह चौहान के दोनों बेटे ऋषभ (15) और नितिन (13) पिता का शव लेने पोस्टमार्टम हाऊस पहुंच गए थे। दोनों नहीं समझ पा रहे थे कि कार चालक ने उनकी दुनिया क्यों उजाड़ दी । हमनें उसका क्या बिगाड़ा था। ऋषभ रो-रो कर एक बात दोहरा रहा था कि पिता सुबह कारखाना जाते समय कह गए थे कि जल्दी लौटकर आता हूं। कुछ देर बाद उनकी मौत की खबर आई।
दो शव पैतृक गांव रवाना
पुलिस के मुताबिक एक्सीडेंट में मारे गए कर्मचारी पुष्पराज जादौन फिरोजाबाद के रहने वाले थे। यहां अमलतास कॉलोनी में परिवार के साथ रहकर नौकरी कर रहे थे। इसी तरह सत्यजीत पाल बिहार से नौकरी के लिए और अवधेश सिंह चौहान आलमपुर खेडा़ कानपुर से ग्वालियर आए थे। पुष्पराज और सत्यजीत के शव को उनके साथी कर्मचारियों ने पोस्टमार्टम के बाद पैतृक निवास भेज दिया है। जबकि अवधेश सिंह चौहान के परिजन कानपुर से आ गए हैं।
Published on:
18 Sept 2018 10:00 am

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