15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जिले में फिर दिखा टिडडी दल, धान की नर्सरी को खतरा, किसानों ने थाली व ढोल बजाकर खदेड़ा

टिड्डी दल को देख जिले में बढ़ी किसानों की चिंता

2 min read
Google source verification
tiddi dal attack in gwalior at madhya pradesh

जिले में फिर दिखा टिडडी दल, धान की नर्सरी को खतरा, किसानों ने थाली व ढोल बजाकर खदेड़ा

ग्वालियर। शहर में एक बार फिर से टिड्डी दल ने दस्तक दे दी है। यह टिड्डी दल शुक्रवार की शाम को जिले के गिरवाई क्षेत्र के वार्ड 65 में देखा गया। लाखों की संख्या में आए टिड्डी दल को देख किसान चिंता में पड़ गए। हरी भरी फसल और पेड़ों को खाकर साफ करने वाली टिड्डियों को उड़ाकर भगाने के लिए खेतों पर पहुंचे किसानों ने विभिन्न उपाय से ध्वनि कर आगे की और खदेड़ा दिया। इसके साथ ही यह टिडडी दल डबरा व भितरवार के बागवई, चरखा, इकहरा, गड़ाजर व पचौरा आदि गांवों में शाम चार बजे के आसपास देखा गया।

डबरा में शनिवार-रविवार को रहेगा टोटल लॉकडाउन, सोमवार से नया नियम लागू

आसमान में तेज रफ्तार से धान की पौध से हरे भरे खेतों एवं हरे पेड़ों पर डेरा जमाने के लिए टिड्डीदल खेतों तक जा पहुंचा। वहीं धान की पौध को खाकर नष्ट न कर दे ऐसी आशंका को देखते हुए किसान अपने अपने खेतों पर पहुंचे जहां उन्होंने टिड्डी दल को उड़ाकर भगाने के लिए तेज ध्वनि के प्रबंध किए। किसानों ने तेज आवाज के लिए थाली बजाई, ढोल नगाड़े बजाए ओर तेज आवाज में ट्रैक्टर चलाकर टिड्डी दल को उड़ाकर आगे की ओर भगाया।

भितरवार के किसान रघुवीर सिंह यादव, बागवई के किसान मुकेश चौधरी, गड़ाजर के बल्ली बघेल ने बताया कि कई जगह हरे पेड़ों पर डेरा जमाए बैठे टिड्डी दल ने देखते ही देखते पेड़ साफ कर दिए। वहीं कुछ जगह धान की पौध को भी टिड्डी दल ने खाकर नष्ट कर दिया। जिसे देख कड़ी मशक्कत के बाद टिड्डी दल को तेज आवाज करते हुए आगे की ओर खदेड़ा।

किसानों ने अधिकारियों को दी जानकारी
भितरवार, बागवई, चरखा, इकहरा, गड़ाजर, पचौरा सहित अन्य गांवों के आसपास पेड़ों पर कब्जा जमाए बैठे इन टिड्डी दलों को देख किसानों के होश उड़ गए। धान की नर्सरी करने वाले किसान भयभीत होकर अपने -अपने खेतों पर पहुंच गए और विभिन्न उपाय कर टिड्डियों को भगाया। वहीं किसानों ने इन टिड्डियों की जानकारी कृषि विभाग के अधिकारियों को दी जिस पर अधिकारियों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी और टिड्डी दल से बचाव के आवश्यक उपाय बताए।