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टाइगरों की निगरानी अब हाथियों से होगी

टाइगर की लोकेशन मिलना मुश्किल होने की वजह से अब उनकी निगरानी हाथी पर बैठकर नेशनल पार्क के कर्मचारी दूरबीन लेकर करेंगे।

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टाइगरों की निगरानी अब हाथियों से होगी

टाइगरों की निगरानी अब हाथियों से होगी

शिवपुरी. माधव नेशनल पार्क में छोड़े गए तीन टाइगरों की मॉनीटरिंग के लिए दो हाथी शनिवार देर शाम पार्क में लाए गए। लंबी दूरी तय करके आए नर व मादा हाथी ने बलारपुर मंदिर के पास काफी देर तक अपनी प्यास नल के पानी से बुझाई। सीसीएफ बोले कि हाथी पर बैठकर ही टाइगर के पास जाया जा सकता है।
गौरतलब है कि माधव नेशनल पार्क के अंदर पहाडिय़ां व बियावान जंगल होने की वजह से टाइगरों की मॉनीटरिंग करने वाली टीम को टॉबर की समस्या आ रही है। ऐसे में टाइगर की लोकेशन मिलना मुश्किल होने की वजह से अब उनकी निगरानी हाथी पर बैठकर नेशनल पार्क के कर्मचारी दूरबीन लेकर करेंगे। अब पार्क कर्मचारी अपना कॉलर ट्रेकिंग सिस्टम लेकर हाथी के ऊपर बैठेंगे तथा उसकी लोकेशन पर पहुंचकर उसकी हरकतों को देखकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। टाइगरों की जंगल में वीडियो व फोटो सहित जानकारी पहुंचाई जाएगी। अभी तक कॉलर ट्रेकिंग टीम टाइगर से लगभग 500 मीटर दूर रहकर सकी मौजूदगी स्क्रीन पर प्वाइंटर के रूप में देख रही थी, लेकिन अब वो हाथी पर सवार होकर टाइगर की नजदीक से मॉनीटरिंग करेंगे।

बोले सीसीएफ: हाथी पर बैठकर ही नजदीक जा सकते हैं
हाथी पर बैठकर ही टाइगर की मॉनीटरिंग नजदीक से की जा सकती है। इसलिए दो हाथी आज माधव नेशनल पार्क में लाए गए हैं। जिस पर बैठकर हमारी पार्क टीम टाइगर को नजदीक से देखकर उसकी पूरी रिपोर्ट देगी।
उत्तम कुमार शर्मा, सीसीएफ सिंह परियोजना