
कहीं हुईबारिश तो कहीं मनाईउज्जयनी - शिवना नदी रही उफान पर,
ग्वालियर। जल संकट से जूझ रहे शहर के लिए राहत की खबर तिघरा से आई है। बुधवार को हुई बारिश से तिघरा के कैचमेंट एरिया में नदी लाने भर जाने से करीब १० दिनों का पानी तिघरा में पहुंच गया।
जल संसाधन विभाग ने जब तिघरा में लगे मीटर से नाप की तो पता चला कि रात भर में करीब एक फीट पानी तिघरा में पहुंच गया है, जिससे थोड़ी सी राहत जरूर मिलेगी। तिघरा से जुड़े इंजीनियरों ने कहा कि है कि अगर यह बादल कुछ और दिन सौन चिरैया क्षेत्र पर मेहरबान हो जाएं तो पूरे शहर को राहत मिल जाएगी, क्योंकि सभी बांध ककैटो पहसारी एवं अन्य बांध सौन चिरैया अभयारण्य में भी बने हुए हैं। उक्त क्षेत्र में हुई बारिश से ही यह बांध भरेंगे, जिससे जल संकट से राहत मिलेगी।
यह रहा बांध लेवल
23 अगस्त- वॉटर लेवल 718. 40 फीट समुद्र तल से-1036 एमसीएफटी पानी
23 अगस्त-वॉटर लेवल 719.50 फीट समुद्र तल से-1128 एमसीएफटी पानी
नोट- उक्त वॉटर लेवल में करीब 92 एमसीएफटी से अधिक पानी तिघरा में पहुंचा है।
तिघरा का गणित
तिघरा बांध की कुल भंडारण क्षमता- 738 फीट पर 4059 एमसीएफटी
तिघरा का डेड स्टोरेज- 238 एमसीएफटी
30 प्रतिशत पानी वाष्पीकरण, लीकेज आदि में व्यय होता
वर्तमान में 63 दिन का पानी ही शेष
तिघरा का जल स्तर 719.50 फीट पर 1128 एमसीएफटी है, जिसमें 238 डेड स्टोरेज 30 प्रतिशत 325. 998 अपव्यय पानी को घटाने पर मात्र 563. 998
564 .002 एमसीएफटी पानी की बचता है।
8.88 एमसीएफटी पानी प्रतिदिन शहर में प्रदाय होता है। एेसे हालात में
63 दिन अथवा दो माह तक प्रतिदिन पानी सप्लाई हो पाएगा
नोट: वर्षा से पूर्व तिघरा में करीब 10 अक्टूबर तक पानी शेष था अब यह २० अक्टूबर तक प्रतिदिन शहर से पानी दे सकता है।
पत्रिका अभियान
शहर में जल संकट गंभीर समस्या बन रहा है। दो माह बाद तिघरा खाली हो जाएगा। दूसरे बाधों में भी पानी नहीं हैं। एेसे हालात में जो पानी पंप करके लाया जाएगा उससे भी साल भर तक पानी नहीं मिलेगा। बरसात भी कम हुई है। अगर हम लोगोंे ने जमीन के अंदर का पानी नहीं बताया, लीकेज नहीं सुधारे, नलों में टोंटियां नहीं लगाई या पानी की बर्बादी को नहीं रोका तो इसका खामियाजा पूरे वार्ड के लोगों को भुगतना पड़ेगा। यह बात लोगों को पानी बचाने के लिए जागरुकता संदेश देते हुए क्षेत्र के पार्षद पुरुषोत्तम टमोटिया ने लोगों से कही। इस दौरान टमोटिया ने लोगों को पानी बचाने के लिए शपथ भी दिलाई। ज्ञात हो कि पत्रिका द्वारा लगातार पानी को बचाने और बर्बादी को रोकने के लिए जागरुकता अभियान चला रहा है। जिसमें लोग, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि लोगों को जागरुक कर रहे हें। क्योंकि जल बचेगा तो ही कल बचेगा।
Published on:
25 Aug 2017 08:23 am
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