
मौसम में आए बदलाव से तिघरा में बचा 6 दिन का पानी, डैम में है 183 दिन का पानी
ग्वालियर। वर्षों से शहर की प्यास बुझा रहे तिघरा डैम में अब 183 दिन का पानी शेष बचा हुआ है। इसमें 6 एमसीएफटी पानी मौसम में आए बदलाव से वाष्पीकरण नहीं होने से बचा है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि तिघरा बांध में अभी पर्याप्त मात्रा में पानी है इससे शहरवासियों की प्यास बुझाई जा सकती है। वर्तमान में तिघरा बांध में 728 फीट यानी 2410 एमसीएफटी पानी है। शहर में प्रतिदिन 11.45 एमसीएफटी पानी की सप्लाई हो रही है। इस हिसाब से 238 डेड स्टोरेज व 140 सुरक्षित पानी सहित 378 एमसीएफटी पानी को छोडकर 2032 एमसीएफटी पानी शेष बचा हुआ है, इससे 177 दिन तक यानी करीब 6 महीने तक शहर में पानी की सप्लाई की जा सकती है।
वहीं तिघरा में पानी भरे होने की मात्रा 51 प्रतिशत है। हालांकि तिघरा बांध में पूर्व में वाष्पीकरण व लीकेज से प्रतिदिन दो एमसीएफटी पानी बर्बाद हो रहा है। लेकिन बीते 30 दिन से मौसम में आए बदलाव के चलते वाष्पीकरण नहीं होने से अब तक 6 दिन का पानी बचाया जा चुका है। क्योकि गर्मी अधिक पडऩे से शहर में पानी की सप्लाई अधिक होती है और वाष्पीकरण भी अधिक होता है।
अब तक सिर्फ 1.56 नल कनेक्शन
नगर निगम के रिकॉर्ड में 3 लाख 15 हजार संपत्तियां दर्ज हैं। लेकिन नल कनेक्शन सिर्फ एक लाख 56 हजार लोगों ने ही ले रखे हैं। बाकी की संपत्तियों पर अवैध रूप से कनेक्शन लेकर लोग पानी का प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि निगम व पीएचई विभाग अवैध कनेक्शन को रोकने के लिए तमाम कोशिश कर चुका है पर वह आज तक सफल नहीं हुआ है।
90 टंकियों में पहुंच रहा पानी
तिघरा से पानी तिघरा, मोतीझील के पुराने व नए प्लांट और 160 एमएलडी प्लांट पर पानी पहुंचाया जा रहा है। जहां से पानी फिल्टर होकर निगम की 90 टंकियों में पहुंच रहा है।
"यह बात सही है कि मौसम में आए बदलाव से तिघरा डैम में वाष्पीकरण कम हो रहा है और लीकेज से भी पानी कम मात्रा में बह रहा है। इससे करीब 6 दिन का पानी वाष्पीकरण से बच गया है। तिघरा डैम में अभी पर्याप्त मात्रा में पानी है।"
हेमंत शर्मा, प्रभारी तिघरा डैम पीएचई नगर निगम
Published on:
05 May 2023 07:12 pm
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