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रास्ते से हटाए ताड़ी बेचने वाले, जंगल से युवक हाथ देकर लोगों को बुलाता रहा

शहर में महुंए से बनी पोटली की खेप सुबह पांच बजे धार आ जाती है

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रास्ते से हटाए ताड़ी बेचने वाले, जंगल से युवक हाथ देकर लोगों को बुलाता रहा

रास्ते से हटाए ताड़ी बेचने वाले, जंगल से युवक हाथ देकर लोगों को बुलाता रहा

धार. झाबुआ जाने वाला मार्ग देवीजी मंदिर के पहले। देवी सागर तालाब के सामने....। यहां पर खुलेआम ताड़ी प्रतिदिन बिकती है। टांडा में घटना के बाद इन्हें हटा दिया, लेकिन तालाब के सामने खाई के जंगल में खड़ा युवक राहगीरों को हाथ देकर ताड़ी पीने का आमंत्रण देता नजर आया। पत्रिका प्रतिनिधि जब हकीकत जानने के लिए तालाब के सामने बनी खाई में उतरा। यहां आसपास पेड लगे थे। बीच में युवक प्लास्टिक की कैन में ताड़ी लेकर बैठा नजर आया। केन के पास एक मग्गा और गिलास मौजूद था। एक गिलास की कीमत इसने 10 रुपए बताई।

शुद्ध जहरीली बिकती है शहर में ताड़ी
ताड़ी ताड़ के पेड़ से निकलती है। ये पेड़ टांडा, कुक्षी में बड़ी संख्या में पाए जाते हैं। शहर में अलसुबह से देवी सागर के सामने बड़ी संख्या में ताडी बेचने वाले बैठते हैं। पुलिस और आबकारी की लापरवाही से इन लोगों ने हरी नेट से छोटी-छोटी झोपडी बना ली है। इन झोपडियों में विशेषकर महिलाएं ताडी बेचने के लिए पहुंचती है। ये कैन में ताडी लेकर पहुंचती है। कैन से सफेद कलर की ताडी निकालकर बेची जा रही है। जानकारों की माने तो ताड का पेड़ नहीं होने से ये ताडी शुद्ध रूप से नकली और जानलेवा है। इसके बाद भी यहां आए दिन खुलेआम बेची जा रही है।

उधर पोटली की खेप शहर में पांच बजे उतर जाती है
ग्रामीण अंचलों में जहां नदी का बहता पानी जाता है। उन पुलियाओं के नीचे महुआ से शराब बनाने का काम किया जा रहा है। इनमें सूरजपुरा और पाडलिया में कई लीटरों में शराब बनाकर शहर में सुबह पांच बजे खेप आ जाती है। ये खेप सलम एरिया में उतार दी जाती है। प्लास्टिक की थैली में एक पोटली की कीमत 20 से 30 रुपए होती है।

टांडा में मौके से मिला कीटनाशक
टांडा पुलिस ने घटनास्थल से ताड़ी पीने वाला मिट्टी और प्लास्टिक का बर्तन जब्त किया। इसके साथ ही उपचार के लिए भर्ती किए मरी•ाों के उल्टी-दस्त को परीक्षण के लिए भेजा। मौके से कीटनाशक
&नियम के मुताबिक ताड़ी बेचने वालों का खुद का पेड धार, झाबुआ, आलीराजपुर में है। जो ताडी निकालकर बेच सकता है। दूसरा व्यक्ति नहीं बेच सकता। यदि कोई दूसरा व्यक्ति बेचता है तो केस बना देंगे।
विक्रम सांगर, सहायक आबकारी अधिकारी, धार का डिब्बा मिला। पुलिस अधीक्षक मनोजङ्क्षसह ने टांडा पहुंचकर जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।