
video : मप्र देश का पहला राज्य जहां लगाई गई है यह धारा
ग्वालियर. स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट ने पत्रिका से चर्चा में कह अब मध्यप्रदेश में मिलावट की सूचना देने वालों को 25-25 हजार रुपए का नगद पुरस्कार दिया जाएगा। बीते ढाई महीने में सरकार तक 240 गोपनीय सूचनाएं पहुंची थीं, जिनके आधार पर मिलावटखोरी पर बड़ी कार्रवाई की गई है। इन सभी का नाम गोपनीय रखते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से पुरस्कार देने का फैसला किया गया है। सिलावट सोमवार को ग्वालियर दौरे पर थे। इस दौरान वे ग्वालियर पत्रिका कार्यालय पहुंचे। उनका कहना था कि शुद्ध के लिए युद्ध तब तक चलता रहेगा जब तक कि मिलावटखोर प्रदेश न छोड़ दें या मिलावट करना। इसके लिए खाद्य एवं औषधि विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ भी चाहते हैं कि मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान जारी रखा जाए। मिलावटखोरों से उनकी सूचना देने वालों को खतरा रहता है,इसलिए उनके नाम किसी भी सूरत में उजागर नहीं किए जाएंगे।मंत्री का कहना था कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य हे जहां मिलावट के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की जा रही है। अभी तक 9 लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की कार्रवाई की गई। यह पहली बार है जब मिलावटखोरों को रासुका में पकड़ा गया। प्रदेश में 29 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एक मिलावटखोर को जिलाबदर तक किया गया है।
Published on:
21 Oct 2019 08:00 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
