22 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गए थे पांच घर आए सिर्फ तीन, दो के साथ हो गई ये बड़ी घटना

तीन दोस्त पिकनिक बनाने निकले थे लेकिन बचा सिर्फ एक, दो के साथ घट गई ये बड़ी घटना

2 min read
Google source verification
two boy death in pond

तीन दोस्त पिकनिक बनाने निकले थे लेकिन बचा सिर्फ एक, दो के साथ घट गई ये बड़ी घटना

ग्वालियर। पिकनिक मनाने गए दो छात्रों की 100 फीट गहरी खदान में डूबकर मौत हो गई। छात्रों के साथ तीन दोस्त भी थे। उन्होंने बचाने का प्रयास किया पर बचा न सके। फायर ब्रिगेड व एसडीईआरएफ के कर्मचारियों ने खदान से शव बाहर निकाले। हादसा शुक्रवार सुबह पुरानी छावनी बरा गांव का है।

पुलिस के मुताबिक खदान में डूबकर शर्मा फार्म हाउस चार शहर का नाका निवासी अमन राजपूत (18) और बिरला नगर गली नंबर एक निवासी दीपेन्द्र सेंगर (18) पुत्र रामनरेश की मौत हो गई। दोनों बारहवीं कक्षा के छात्र थे। यह दोनों अपने तीन दोस्त अंकित पाराशर, उदय सिंह राठोर, शुभम के साथ सुबह 10.30 बजे खदान पहुंचे थे। उदय ने बताया वो दीपेन्द्र के साथ गया बाकी तीनों पहले से वहां मौजूद थे। दीपेन्द्र, अमन और शुभम खदान के नीचे जाने लगे तभी मिट्टी धंसकने से तीनों गिर पड़े। खदान में करीब 20 फीट पानी भरा था। वह और अंकित खदान के ऊपर थे। उन्हें देखा तो रस्सी डालकर शुभम को बचा लिया लेकिन वो दोनों पानी में डूब गए। बरा गांव आकर मदद भी मांगी लेकिन जब तक देर हो चुकी थी।

गोता लगाते हुए डूब गए। वो काफी घबरा गए थे। इसलिए मदद के लिए पहाड़ी पर बनी झोपड़ी पर पहुंचे। वहां एक बुजुर्ग से मदद मांगी, लेकिन वह कुछ नहीं कर सका। फिर वहां से बरा गांव आए। लोगों को घटना बताकर मौके पर लाए लेकिन गांव वाले पहुंचे तब तक अमन और दीपेन्द्र डूब चुके थे।

पत्थर के नीचे फंस गए थे दोनों के शव
तीनों दोस्त मदद के लिए गांव वालों को बुलाकर लाए लेकिन अमन और दीपेन्द्र पानी में कहीं दिखाई नहीं दिए। कुछ देर बाद ही फायर ब्रिगेड और एसडीइआरएफ के गोताखोर पहुंचे। उन्होंने पानी में उतरकर दोनों को ढूंढा लेकिन काफी देर तक नहीं मिले। बाद में दोनों के शव एक पत्थर के नीचे दबे मिल गए। गोताखोर शव निकालकर बाहर लाए।

बुझ गया चिराग
रामनरेश सिंह सेंगर का दीपेन्द्र इकलौता बेटा था। उनका रो-रोकर बुरार हाल था। उनकी उम्मीदें उसी पर टिकी हुई थीं। उन्होंने सोचा था दीपेन्द्र पढ़ लिखकर उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा। लेकिन कुदरत ने उनसे उनके इकलौते बेटे को हमेशा के लिए छीन लिया।

घरवालों से झूठ बोला चौराहे जा रहा हूं
अमन के पिता घनश्याम की तेल मिल है। अमन सुबह घरवालों से झूठ बोलकर निकला कि चौराहे तक जा रहा हूं। कुछ देर में लौट आएगा। दोपहर को पुलिस का फोन आया तब उन्हें पता चला खदान पर गया था। घरवालों का कहना था अगर उन्हें खदान का पता होता तो उसे नहीं जाने देते। जबकि दीपेन्द्र बिना बताए घर से निकल आया था।

दोस्तों से पूछताछ
5 दोस्त पिकनिक मनाने आए थे। जिसमें दो की डूबकर मौत हो गई। तीन जो दोस्त साथ में आए थे उनसे भी पूछताछ की गई है। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले को जांच में लिया है।
प्रीती भार्गव, टीआइ पुरानी छावनी थाना