पास बैठी मां और सामने बैठा पिता जब तक कुछ समझकर बेटी मालती को संभाल पाते तब तक वह बेहोश हो गई। जिसके बाद घर में चीख पुकार मच गई, कुछ ही देर मे पूरा गांव वहां पर एकत्रित हो गया। पास ही मौजूद माता के मंदिर पर किशोरी मालती को ले जाया गया,जहां जाने के बाद उसे होश आया। तो उसने बताया कि उसे दो लोग दिखाई दिए। जिनके हाथ पैरों के नाखून और बाल बढे हुए थे। बकौल मालती वह उसके पास आए, उनमें से एक ने उसके सिर पर हाथ रखा और दूसरे ने उसके बाल को चाकू से काटा। जिसके बाद वह बेहोश हो गई। मालती के पैरों पर भी चोट के निशान उभर आए थे।