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CHEETAH PROJECT:चीता प्रोजेक्ट का पहला चरण सफल होने के बाद दूसरे चरण में शिफ्टिंग को लेकर होगा विचार

-केन्द्रीय वनमंत्री भूपेन्द्र यादव ने दी जानकारी-गांधीसागर अभयारण्य को कर रहे तैयार

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CHEETAH PROJECT:चीता प्रोजेक्ट का पहला चरण सफल होने के बाद दूसरे चरण में शिफ्टिंग को लेकर होगा विचार

CHEETAH PROJECT:चीता प्रोजेक्ट का पहला चरण सफल होने के बाद दूसरे चरण में शिफ्टिंग को लेकर होगा विचार

श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क में चल रहे चीता प्रोजेक्ट को सफल करने के लिए यह पहला चरण है। पहले चरण को सफल बनाने के लिए हम सभी स्तर के प्रयास कर रहे हैं। यह चरण सफल होने के बाद ही दूसरी जगह चीता शिफ्ट करने की योजना पर काम शुरू होगा। चीता शिफ्टिंग के लिए मध्यप्रदेश में ही गांधीसागर अभयारण्य को तैयार किया जा रहा है। शिफ्टिंग के लिए गांधीसागर उपयुक्त रहेगा। यह जानकारी केन्द्रीय वनमंत्री भूपेन्द्र यादव ने कूनो नेशनल पार्क में हुई बैठक के बाद सेसईपुरा पर बातचीत के दौरान दी। राजस्थान के मुकुंद्रा अभयारण्य में चीता शिफ्टिंग के प्रश्र पर वनमंत्री ने खुलकर जवाब नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ यह कहा कि गांधीसागर अभयारण्य अच्छा विकल्प है, अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा।


मंगलवार को केन्द्रीय वनमंत्री एक दिवसीय दौरे पर श्योपुर पहुंचे थे। वे रात में जंगल रिसोर्ट में रुके और सुबह कूनो नेशनल पार्क में स्टीयरिंग कमेटी और प्रोजेक्ट से जुड़े अन्य अधिकारियों की बैठक ली। इसके अलावा उन्होंने विस्थापित हो रहे गांवों के ग्रामीणों से भी बात की। विस्थापन से संबंधित ग्रामीणों की समस्या को लेकर वनमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जमीन-घर या राशि दोनों विकल्पों को चुनने वाले किसी भी ग्रामीण को समस्या नहीं होनी चाहिए।


3 चीतों की मौत से चिंता
केन्द्रीय वनमंत्री ने कहा कि नेशनल पार्क में तीन वयस्क और तीन शावकों की मौत हुई है। इसके बाद हम अलर्ट मोड पर हैं। प्रोजेक्टर को लेकर हम चिंता कर रहे हैं। नामीबिया और साउथ अफ्रीका के चीता विशेषज्ञों से मिलकर इस संबंध में बात की है। चीतों के स्वास्थ्य की जानकारी ली है। अभी सभी चीता स्वस्थ हैं और जो खुले में हैं उनकी भी लगातार ट्रैकिंग की जा रही है। अन्य चीतों को भी खुले बाड़े में छोडऩे के लिए चरणबद्ध तरीके से काम चल रहा है।