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सौंफ खरीददारी स्थल पर हंगामा, समझाइश पर माने

सौंफ स्थल को ढेकली में मंडी लगाने पर अड़े रहे व्यापारी- व्यापारियों की मांग गांव से 2 किमी दूरी पर व्यवस्था एवं सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं

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सौंफ खरीददारी स्थल पर हंगामा, समझाइश पर माने

सौंफ खरीददारी स्थल पर हंगामा, समझाइश पर माने

उमरबन. जनपद मुख्यालय की उमरबन कला के सौंंफ मंडी के समीप एक निजी स्थान पर खेत में पिछले 15 दिनों से सौंफ खरीदी व्यापारियों द्वारा की जा रही थी। इससे व्यापारियों के साथ-साथ किसानों को सौंफ बेचने में सुविधा मिल रही थी। इसी के तहत शनिवार को सौंफ मंडी के समीप निजी जमीन पर व्यापारियों द्वारा दुकान लगाई है।

क्षेत्र के साथ-साथ दूरस्थ अंचलों के किसान सुबह 7 बजे से सौंफ बेचने बड़ी संख्या में पहुंचे। सुबह 8 बजे के लगभग मंडी गत वर्ष ग्राम ढेकली में लगाने को लेकर व्यापारियों एवं स्थानीय लोगों के बीच देर तक गहमागहमी हो गई। हंगामा देखकर व्यापारियों ने सौंफ नहीं खरीदने का ऐलान कर दिया। देर तक गहमागहमी के चलते क्षेत्र के किसान 2 घंटे तक अपनी उपज को बेचने को लेकर तमाशा देखते रहे। इसके कारण देर तक विवाद चलता रहा। एक पक्ष का कहना था कि गत वर्ष ग्राम ढेकली में मंडी प्रशासन द्वारा लगाई थी । उसी स्थान पर फिर से मंडी लगाई जाए। इसी बात को लेकर काफी देर तक व्यापारियों के साथ हंगामा होता रहा। व्यापारियों का कहना है कि उमरबन में मंडी या उप मंडी नहीं है।
ग्राम ढेकली में कोई सुविधा उपलब्ध नहीं होने के साथ-साथ गांव से 2 किमी से अधिक दूरी पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। व्यापारी लोग लाखों रुपए साथ लेकर माल खरीदते हैं। जिससे यह स्थान सुरक्षित नहीं है। पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानी उठाना पड़ती है। इसलिए मंडी खुलने तक यह स्थान सुरक्षित है। हालांकि आपसी बातचीत कर फिलहाल शनिवार को सौंफ खरीदी गई। आगे मंडी प्रशासन एवं स्थानीय प्रशासन क्या निर्णय लेंगे यह अगले सप्ताह पता लग पाएगा। शनिवार को साप्ताहिक हाट बाजार के दिन 700 बोरी सौंफ की आवक रही। उच्चतम भाव 160 एवं न्यूनतम 120 रुपए प्रति किलो रहा।

ंफसल को रौंद रही नीलगाय
टवलाईञ्च पत्रिका. ग्राम कोठडा मे नीलगाय के झुंड ने किसानों की परेशानी को दुगना कर रखा है। नीलगाय के समूह हर खेत में गेहूं, चने और अन्य फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। किसान तरुण जाट ,मंशाराम जाखड़, मुकेश आदि ने बताया कि शासन-प्रशासन से कई मांग कर चुके हैं कि नीलगाय की समस्या से हमें निजात दिलाई जाए, लेकिन कोई भी ध्यान देने को तैयार नहीं है। इससे हमारी फसलों को बर्बाद होने से बचाया नहीं जा रहा है।

कोहरा छाया : पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी के बाद ग्राम समेत क्षेत्र में कडाके की सर्दी पड रही है। देर रात से ही घना कोहरा छाने लगा था। सुबह करीब 8 बजे तक कोहरे का असर दिखाई दिया। उसके बाद धूप निकली और लोगों को राहत मिली। घने कोहरे के चलते नजारा किसी हिल स्टेशन सा दिखाई दिया। न्यूनतम तापमान करीब 10 डिग्री के आसपास रहा। कोहरे के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पडा। गाडियों की रफ्तार धीमी रही ।