
इस साल दिसंबर माह के अंत तक केवल 8 दिन ही विवाह मुहूर्त हैं। देव शयन एकादशी से देवउठान एकादशी तक हरिशयन काल होने से सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इस बार चार महीने की बजाय पांच महीने 23 नवंबर तक इन पर रोक रही थी। इसके बाद देवउठनी एकादशी से मांगलिक कार्यों की शुरूआत हुई। लेकिन इस महीने सिर्फ 8 दिन ही शहनाई की गूंज सुनाई देगी। क्योंकि 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक मल मास (खरमास) रहेगा। जिसमें शुभ कार्यों पर पाबंदी लग जाती हैं।
दिसंबर माह में यह रहेंगे विवाह के मुहूर्त
- 3, 4, 7, 9, 10, 13 से 15 दिसंबर को शुभ मुहूर्त रहेगा।
- ज्योतिषाचार्य डॉ.हुकुमचंद जैन ने बताया कि शास्त्रों में खरमास को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान सभी शुभ और मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार आदि कार्य करने पर रोक लग जाती है। साल में दो बार खरमास आते हैं।
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य धनु और मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास एक माह के लिए लगा रहता हैं। सूर्य एक महीने तक धनु राशि में रहेंगे। खास बात यह है कि जो लोग गर्मी के मौसम में विवाह करने की सोच रहे हैं, उन्हें यह मौका नहीं मिलेगा, क्योंकि मई और जून में एक भी दिन विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। इसकी वजह इन दोनों माह में शुक्र ग्रह का अस्त होना है। इसके उदित होने के बाद जुलाई में ही मुहूर्त शुरू होंगे।
खरमास में इसलिए नहीं होते शुभ कार्य
धनु बृहस्पति की राशि है। धार्मिक ग्रंथों की मान्यता है कि सूर्य देव जब भी बृहस्पति की राशि पर भ्रमण करते हैं, तो मनुष्य के लिए शुभ कार्यों के परिणामों के लिए यह अच्छा नहीं होता। सूर्य जब बृहस्पति की राशि में आते हैं तो इससे गुरु ग्रह का बल कमजोर होता है और सूर्य भी अपना तेज कम कर लेते हैं। इस दौरान सूर्य की चाल बहुत धीमी हो जाती है, मांगलिक कार्य के लिए इन दोनों ग्रहों का मजबूत होना जरूरी है। यही वजह है कि खरमास के दौरान शादी-विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, जनेऊ संस्कार आदि जैसे शुभ और मांगलिक कार्य करने पर अशुभ फल मिलते हैं।
Updated on:
02 Dec 2023 01:13 pm
Published on:
02 Dec 2023 01:12 pm
बड़ी खबरें
View Allग्वालियर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
