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चलते वाहन में बेखौफ बदमाशों ने की लूटपाट, पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से किया मना तो यह हुआ हाल

बहोड़ापुर में रंगीले हनुमान मंदिर के पास हुई वारदात, बेहतर प्रदर्शन पर मिला टैबलेट भी लूट ले गए

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woman looted by criminals in running auto in gwalior

चलते वाहन में बेखौफ बदमाशों ने की लूटपाट, पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से किया मना तो यह हुआ हाल

ग्वालियर। प्रदेश में बदमाश बेखौफ होते जा रहे हैं,जिसकी ओर किसी का भी ध्यान नहीं है। शहर में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े चलती ऑटो में प्रधान अध्यापिका का पर्स लूट लिया। उन्होंने लुटेरे से पर्स छीनने की कोशिश भी की, लेकिन खींचतान में ऑटो से गिरकर घायल हो गईं। लुटेरा अपने दो अन्य साथियों के साथ बाइक पर बैठकर भाग गया। हैरानी तो तब हुई जब रिर्पोट करने थाने पहुंचीं तो पुलिस ने लूट होने से इनकार कर दिया तब मौके पर पुलिस को ले जाकर कुछ लोगों से बात कराकर पुष्टि कराई। इसके बाद भी करीब 4 घंटे तक थाने बैठी रहीं तब भी पुलिस ने लूट न मानकर चोरी की रिपोर्ट लिखी।

लूट की वारदात शीलनगर बहोड़ापुर निवासी सरोज शाक्य पत्नी रामजीलाल के साथ दोपहर 2.30 बजे रंगीले हनुमान मंदिर के पास हुई। सरोज शासकीय प्राथमिक विद्यालय बावनपाएगा आनंद नगर में प्रधान अध्यापिका हैं। स्कूल से बच्चों की छात्रवृति स्वीकृत कराने के लिए संकुल केन्द्र जनकगंज के लिए निकलीं। ऑटो से बहोड़ापुर तक आईं, फिर दूसरे ऑटो से जनकगंज के लिए बैठ गईं। रंगीले हनुमान मंदिर के पास सड़क खराब होने पर चालक ने ऑटो धीमा कर लिया तभी लुटेरे ने झपट्टा मारा और गोदी में रखा उनका पर्स लूट लिया। उन्होंने तुरंत पर्स को पकड़ लिया लेकिन लुटरे ने ताकत से खींचा तो वह ऑटो से गिर पड़ीं और पर्स हाथ से छूट गया। लूट को अंजाम देकर लुटेरा सड़क के दूसरी तरफ बाइक स्टार्ट किए हुए दो अन्य साथियों के साथ बैठकर भाग निकला।

मदद की जगह भाग गया ऑटो चालक
जिस ऑटो में सरोज बैठी थी उसका चालक उन्हें वहीं छोड़कर ऑटो लेकर चला गया। उसे डर था कि कहीं पुलिस उसे परेशान न करे। जब तक राहगीरों को भी समझ में आया तब तक लुटेरे तेज रफ्तार में बाइक चलाकर भाग चुके थे। बाद में सरोज ने अपने परिजन को फोन किया। उनके आने पर थाने पहुंचीं।

तुम्हें लूट से क्या करना सामान मिल जाएगा
प्रधानअध्यापिका सरोज ने पत्रिका को बताया कि मैंने थाने जाकर पुलिस को घटना बताई तो उन्होंने लूट होने से इनकार कर दिया। मुझसे कहा कि झूठ बोल रही हो। फिर मौके पर जाकर कुछ लोगों से लूट की पुष्टि कराई लेकिन वह लूट की एफआइआर लिखने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि तुम्हें क्या करना, तुम्हारा सामान मिल जाएगा। करीब चार घंटे तक में थाने बैठी रही। कुछ लोगों से फोन भी कराए तब भी शाम करीब 6.30 बजे लूट की रिपोर्ट न लिखते हुए चोरी की एफआइआर थमा दी।

अपने चेहरे पर मफलर बांधकर आए थे लुटेरे
सरोज ने बताया कि पर्स लूटने वाला लुटेरा मफलर से अपना चेहरा ढंके हुए था। उसके दो साथी जो बाइक स्टार्ट किए थे वह भी चेहरे पर नकाब बांधे हुए थे। इसलिए उनके चेहरे वह नहीं देख सकी।

कलेक्टर ने दिया था टैबलेट
पर्स में एक टैबलेट, स्कूल की चेक बुक, दो पास बुक, एक मोबाइल, खेल सामग्री के क्रय बिल, आधार कार्ड, पेन कार्ड, चाबियां, 1775 रुपए थे। स्कूल के बेहतर प्रदर्शन के लिए कलेक्टर द्वारा उन्हें टेबलेट दिया था। वह भी लूट ले गए।

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